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Chandigarh News: सभी स्मॉल फ्लैट के कॉमन एरिया की मरम्मत कराएगा हाउसिंग बोर्ड, सर्वे शुरू

Sat, 28 Oct 2023 01:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Oct 2023 01:38 AM IST
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Housing Board will repair the common areas of all small flats, survey started
चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) पहली बार शहर के स्मॉल फ्लैट्स के कॉमन एरिया (सीढ़ी-छत आदि) की मरम्मत कराएगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो चुका है। सीएचबी की टीमें विभिन्न इलाकों में जाकर टूटे-फूटे कॉमन एरिया की जांच कर रही है। सर्वे के बाद अनुमानित राशि तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर टेंडर होगा। ये मरम्मत का कार्य सीएचबी के एक रिवॉल्विंग फंड से किया जाएगा।मलोया, धनास, विकास नगर पार्ट-2, सेक्टर-38 वेस्ट, रामदरबार, सेक्टर-49सी में कुल 17696 बनाए गए हैं। सेक्टर-38वेस्ट समेत कई इलाकों में स्मॉल फ्लैट आवंटित किए 13 साल हो चुके हैं। मकानों को मरम्मत कराने की काफी जरूरत है। लोग पिछले कई वर्षों से मरम्मत की मांग कर रहे हैं लेकिन हर बार हाउसिंग बोर्ड की तरफ से यह कहकर मना कर दिया जाता था कि स्मॉल फ्लैट का सीएचबी की ओर से मरम्मत का कोई प्रावधान नहीं है। यह मामला सलाहकार धर्मपाल से लेकर वित्त सचिव तक भी पहुंचा और फिर तय हुआ कि एक रिवॉल्विंग फंड बनेगा, जिसमें से कॉमन एरिया की मरम्मत कराई जाएगी। दरअसल, स्मॉल फ्लैट्स में मुख्य समस्या यह आ रही है कि लोग अपने घर की दीवार तक का मरम्मत तो करा लेते हैं लेकिन सीढ़ी आदि की कोई नहीं करता, क्योंकि को कॉमन एरिया है और उसका इस्तेमाल सभी करते हैं। लोगों की मांग पर अब बोर्ड ने मलोया समेत सभी स्मॉल फ्लैट एरिया में सर्वे कराना शुरू कर दिया है। सीएचबी की टीम हर ब्लॉक में जा रही है और सीढ़ी आदि को देख रही है। कितने ब्लॉक में कितना नुकसान हुआ है, उसके आधार पर एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग टेंडर किए जाएंगे। बता दें कि प्रशासन ने कुछ महीने पहले सीएचबी को 1.80 करोड़ इन कार्यों के लिए जारी किए थे।
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10 साल में ही धनास समेत अन्य स्मॉल फ्लैट्स की हालत हुई खस्ता
धनास में 8448 फ्लैट्स हैं, जो वर्ष 2013 में विभिन्न कॉलोनियों को तोड़कर लोगों को आवंटित किए गए थे। इन मकानों में हजारों लोग रहते हैं लेकिन 10 साल में ही इन मकानों की हालत खराब हो गई है। खंभों से सीमेंट उखड़ कर गिर रहा है। ऊपरी मंजिल तक जाने के लिए सीढ़ियों की दशा सबसे ज्यादा खराब है। कई ब्लॉक में सीढ़ियों के सरिये तक नजर आने लगे हैं। लोगों को इनके गिरने का भी खतरा सताने लगा है। स्थानीय पार्षद रामचंदर यादव का कहना है कि 10 साल में इन मकानों की हालत ऐसी नहीं हो सकती है। जरूर मकानों को बनाने में कोई बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। कहा कि कई मकानों में दरार आ गई है और सीमेंट उखड़ कर गिर रहे हैं। ऐसे ही चलता रहा तो यह मकान लोगों के रहने के लिए भी खतरा बन जाएंगे।
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