चंडीगढ़: सात करोड़ रुपये खर्च कर बनाया सौ बेड का अस्पताल, कोरोना लहर थमते ही जड़ दिया ताला
जीएमसीएच- 32 अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब सेक्टर- 48 के 100 बेड के अस्पताल को कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसके मद्देनजर संक्रमित मरीज कम होने पर वहां ताला लगा दिया गया है।
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चंडीगढ़ की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सात करोड़ खर्च कर सेक्टर- 48 में बनाए 100 बेड के अस्पताल में ताला लगा दिया गया है। दूसरी लहर के दौरान वहां कोविड के मरीजों को भर्ती करने के बाद से उसे कोविड डेडिकेटेड अस्पताल घोषित कर दिया गया है। ऐसे में अब कोरोना संक्रमण की दर शून्य से नीचे आने के बाद वहां ताला लगा दिया गया है। आलम यह है कि कोविड से पहले जीएमसीएच- 32 के जिन चार विभागों के मरीजों को वहां शिफ्ट किया गया था, उन्हें अब भर्ती के लिए जीएमसीएच- 32 में यहां-वहां जगह तलाशी जा रही है।
ये विभाग जीएमसीएच-32 दोबारा हुए स्थानांतरित
प्रशासन के निर्देश पर जीएमसीएच- 32 अस्पताल प्रशासन ने वहां कैंसर, त्वचा, ईएनटी और मनोरोग विभाग को स्थानांतरित किया था। निर्देश के कुछ दिनों बाद वहां इसके मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज भी किया गया, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ला दी है। वहां से इन विभागों को दोबारा जीएमसीएच- 32 में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अब कोविड के मरीजों के लिए किया आरक्षित
जीएमसीएच- 32 अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब सेक्टर- 48 के 100 बेड के अस्पताल को कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसके मद्देनजर संक्रमित मरीज कम होने पर वहां ताला लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, जिस अस्पताल के बनने के बाद उसका वास्तविक रूप से मरीजों को अब तक लाभ नहीं मिल पाया, अब उसके विस्तारीकरण की योजना बनाई जा रही है। जीएमसीएच- 32 प्रशासन का कहना है कि अब कोरोना को ध्यान में रखकर नए सिरे से उसका विस्तारीकरण किया जाएगा।
उद्घाटन से ही रहा चर्चाओं में
इस अस्पताल का उद्घाटन मार्च 2019 में किया गया था। उद्घाटन के बाद भी मरीजों को इलाज के लिए चार महीने तक इंतजार करना पड़ा। जून में अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा शुरू की गई, लेकिन डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी व निर्माण की त्रुटियों के कारण फिर मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल सका।
सेक्टर- 48 के अस्पताल को कोविड डेडिकेटेड बना दिया गया है। फिलहाल वहां कोविड के मरीज भर्ती नहीं हैं। वहां स्थानांतरित किए गए विभागों के मरीजों का जीएमसीएच- 32 में ही इलाज किया जा रहा है। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसीएच-32