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सैकड़ों उद्योगपतियों को राहत: इंडस्ट्रियल एरिया में दिखेंगे होटल-अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 18 Sep 2016 10:07 AM IST
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होटल
- फोटो : डेमो फोटो
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पंजाब सरकार ने उन सैकड़ों लोगों को राहत दी थी, जिनके पास इंडस्ट्रियल प्लाट थे। लेकिन वह किन्हीं कारणों के चलते रोजगार नहीं कर पा रहे थे। अब ऐसे प्लाटों को वह होटल या अस्पताल में तब्दील कर पाएंगे। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है, लेकिन इसके लिए लोगों को कन्वर्जन फीस भरनी होगी।
जानकारी के मुताबिक पॉलिसी के मुताबिक 27 लाख रुपये के लगभग 1000 वर्ग गज के प्लाट की कन्वर्जन फीस भरकर एफएआर-दो (18000 वर्ग फुट जगह) में निर्माण हो पाएगा। इसके अलावा बेसमेंट के लिए अलग से जगह मिलेगी। लेकिन इसमें एक शर्त यह भी रखी गई है कि इंडस्ट्रियल प्लाट पांच साल पहले अलाट होना चाहिए। होटल के लिए बेसमेंट बनाना कंपल्सरी है। क्योंकि वहां पर पार्किंग व्यवस्था जाएगी।
वहीं, जो बिल्डिंग अठारह हजार वर्ग फुट या इससे ऊंची होगी। उसके लिए बकायदा तौर पर एयरपोर्ट अथारिटी की अनुमति लेनी पड़ेगी। वहीं, एक हजार वर्ग एक करोड़ के लिए चालीस फुट सड़क होने की शर्त रखी है। जबकि एक एकड़ से दो एकड़ तक 60 फुट व दो एकड़ से ऊपर के इंडस्ट्रियल प्लाटों के लिए अस्सी फुट की सड़क वाली शर्त रखी गई।
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यह नियम केवल मोहाली या समूचे इंडस्ट्रियल क्षेत्र के लिए ही नहीं है। बल्कि प्राइवेट सेक्टर जिनमें जनता लैंड प्रमोटर लिमिटेड व अन्य इंडस्ट्रियल सेक्टरों पर भी लागू होगा। सरकार ने पॉलिसी में तय किया है कि उक्त प्लॉटों का माथा 60 फुट से अधिक होना चाहिए। मोहाली प्रापर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रधान एसएस वालिया व महासचिव मनिंदरपाल सिंह बिट्टू आनंद ने सरकार की पॉलिसी पर खुशी जताई है।
प्रापर्टी बाजार में आएगी तेजी
प्रापर्टी बाजार के माहिरों की मानें तो इस फैसले से इंडस्ट्रियल क्षेत्र के प्लाटों व प्रापर्टी बाजार में बूम आएगा। कई उद्योगपतियों को इससे फायदा होगा। जिक्रयोग है कि अस्पताल व होटल इंडस्ट्रियल एरिया में गिने जाते है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार की नीति पर यह पॉलिसी लेकर आए है।
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जानकारी के मुताबिक पॉलिसी के मुताबिक 27 लाख रुपये के लगभग 1000 वर्ग गज के प्लाट की कन्वर्जन फीस भरकर एफएआर-दो (18000 वर्ग फुट जगह) में निर्माण हो पाएगा। इसके अलावा बेसमेंट के लिए अलग से जगह मिलेगी। लेकिन इसमें एक शर्त यह भी रखी गई है कि इंडस्ट्रियल प्लाट पांच साल पहले अलाट होना चाहिए। होटल के लिए बेसमेंट बनाना कंपल्सरी है। क्योंकि वहां पर पार्किंग व्यवस्था जाएगी।
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वहीं, जो बिल्डिंग अठारह हजार वर्ग फुट या इससे ऊंची होगी। उसके लिए बकायदा तौर पर एयरपोर्ट अथारिटी की अनुमति लेनी पड़ेगी। वहीं, एक हजार वर्ग एक करोड़ के लिए चालीस फुट सड़क होने की शर्त रखी है। जबकि एक एकड़ से दो एकड़ तक 60 फुट व दो एकड़ से ऊपर के इंडस्ट्रियल प्लाटों के लिए अस्सी फुट की सड़क वाली शर्त रखी गई।
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यह नियम केवल मोहाली या समूचे इंडस्ट्रियल क्षेत्र के लिए ही नहीं है। बल्कि प्राइवेट सेक्टर जिनमें जनता लैंड प्रमोटर लिमिटेड व अन्य इंडस्ट्रियल सेक्टरों पर भी लागू होगा। सरकार ने पॉलिसी में तय किया है कि उक्त प्लॉटों का माथा 60 फुट से अधिक होना चाहिए। मोहाली प्रापर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रधान एसएस वालिया व महासचिव मनिंदरपाल सिंह बिट्टू आनंद ने सरकार की पॉलिसी पर खुशी जताई है।
प्रापर्टी बाजार में आएगी तेजी
प्रापर्टी बाजार के माहिरों की मानें तो इस फैसले से इंडस्ट्रियल क्षेत्र के प्लाटों व प्रापर्टी बाजार में बूम आएगा। कई उद्योगपतियों को इससे फायदा होगा। जिक्रयोग है कि अस्पताल व होटल इंडस्ट्रियल एरिया में गिने जाते है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार की नीति पर यह पॉलिसी लेकर आए है।