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Hindi News ›   Chandigarh ›   Home Secretary Arun Kumar Gupta will be relieved on 31st, order issued

31 को पदमुक्त हो जाएंगे गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आदेश जारी

Fri, 27 Aug 2021 02:23 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 02:23 AM IST
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Home Secretary Arun Kumar Gupta will be relieved on 31st, order issued
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता 31 अगस्त को पदमुक्त हो जाएंगे। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने वीरवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। अगले गृह सचिव के लिए यूटी प्रशासन ने आईएएस नितिन यादव के नाम की सिफारिश की है लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक इस संबंध में आदेश जारी नहीं किए हैं।
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अरुण कुमार गुप्ता का कार्यकाल 31 अगस्त को खत्म हो रहा है, हालांकि वह अभी तीन महीने के सेवा विस्तार पर चल रहे हैं। उनका 3 साल का कार्यकाल 31 मई को ही समाप्त हो गया था लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से उनके लिए 3 महीने का सेवा विस्तार मांगा था, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया था। अब वह सेवा विस्तार भी 31 अगस्त को खत्म हो जाएगा। इसके बाद वह अपने मूल कैडर हरियाणा कैडर में वापस चले जाएंगे।
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यूटी प्रशासन ने गृह सचिव के पद के लिए वर्ष 2000 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस नितिन कुमार यादव के नाम की सिफारिश की है। माना जा रहा है कि वह ही अगले गृह सचिव होंगे लेकिन अभी तक केंद्रीय गृह मंत्रालय की अपॉइंटमेंट कमेटी ने उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी हुए हैं। गृह सचिव पद के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से तीन अधिकारियों के नाम भेजे गए थे। इनमें वर्ष 2000 बैच के नितिन कुमार यादव, वर्ष 2000 बैच के पंकज अग्रवाल और वर्ष 2003 बैच के विनय सिंह का नाम शामिल था।
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प्रशासक बदनौर का कार्यकाल खत्म लेकिन केंद्र से नहीं आया आदेश
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का पांच साल का कार्यकाल 22 अगस्त को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक राष्ट्रपति की तरफ से पंजाब के नए राज्यपाल और चंडीगढ़ के नए प्रशासक की नियुक्ति या बदनौर की पुन: नियुक्ति के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। राष्ट्रपति का आदेश नहीं आने से प्रशासन में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि राष्ट्रपति की तरफ से जब तक आदेश नहीं आएंगे, बदनौर इस पर बने रहेंगे। आदेश नहीं आने से प्रशासक बदनौर के कार्यकाल को बढ़ाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं, हालांकि जानकारों का कहना है कि किसी राज्य के राज्यपाल की पुन: नियुक्ति काफी मुश्किल होती है।
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