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Hindi News ›   Chandigarh ›   Home Minister Amit Shah Jind Rally for Haryana Assembly Elections 2019

विस चुनाव 2019: जींद में गरजे गृहमंत्री अमित शाह, बोले- '370 वोट से अनुच्छेद 370 को हटाया'

Fri, 16 Aug 2019 02:18 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 16 Aug 2019 02:18 PM IST
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Home Minister Amit Shah Jind Rally for Haryana Assembly Elections 2019
गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जींद की आस्था रैली के मंच से शुक्रवार को प्रदेश के विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। प्रदेश की जनता से कभी भावुक रिश्ता जोड़ते तो कभी विपक्ष पर आक्रामक नजर आए शाह बोले, पांडवों की जमीं से प्रदेश की जनता से अबकी बार 47 नहीं, बल्कि 75 कमल मांग रहा हूं। चौथी बार जींद की आया हूं। कभी निराश नहीं लौटा। मुझे पूरा यकीन है कि प्रदेश की जनता पीएम मोदी को पूरा आशीर्वाद दे चुकी है, अब सीएम मनोहर लाल को भी देगी।
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शाह ने कहा कि महाभारत का युद्ध जीतने के बाद पांडवों ने भी इसी धरती पर जयंती देवी मंदिर की स्थापना करवाई थी। यह रैली भी जींद में ही हो रही है। चुनावी शंखनाद करते हुए शाह ने कहा कि वे चौथी बार जींद आए हैं और जयंती देवी की धरती से उन्हें हमेशा ऊर्जा मिली है। शाह ने कहा कि यह रैली इसलिए यहां हो रही है कि प्रदेश में एक बार फिर दो तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी। इसका उन्हें भरोसा है।
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उन्होंने कहा कि जब भी वे हरियाणा आए हैं, यहां के लोगों ने उनकी झोली ‘कमल के फूलों’ से भरी है। इस बार हरियाणा के लोगों को 47 सीटों से नहीं बल्कि 75 से अधिक सीटों से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनानी है। मनोहर लाल सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में नए हरियाणा की नींव भर दी है। अब उस पर इमारत खड़ी करती है, जिससे कश्मीर सीधा दिख सके।
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अनुच्छेद 370 कांटे की तरह चुभता था : शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा है कि देश की एकता एवं अखंडता की राह में अनुच्छेद 370 एक कांटे की तरह चुभता था। कांग्रेस ने 70 साल के शासन में वोट बैंक की राजनीति के कारण इसे हटाने का कभी नहीं सोचा। प्रधानमंत्री मोदी ने मात्र 75 दिन के दूसरे कार्यकाल में 370 वोटों से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया। गृह मंत्री यहां एकलव्य स्टेडियम में आयोजित आस्था रैली को संबोधित कर रहे थे।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 75 दिन में यह ऐतिहासिक काम कर दिखाया है। अनुच्छेद 370 हटाना मील का पत्थर है। अखंड भारत के सरदार पटेल के सपने की राह में अनुच्छेद 370 सबसे बड़ा रोड़ा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा वोट बैंक की राजनीति करती थी, हमने कभी वोट बैंक की राजनीति नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोट बैंक की राजनीति नहीं करते और उन्हें बस मां भारती की परवाह है। इसलिए ही यह फैसला लिया गया है।

...आशीर्वाद दे रही होगी वाजपेयी की आत्मा
गृह मंत्री ने कहा देश आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकसूत्र में बंध चुका है। पीएम मोदी ने मां भारती का गौरव बढ़ाया है। आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आत्मा जहां कहीं होगी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए आशीर्वाद दे रही होगी कि उनके सपने को नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया।

देश को जल्द मिलेगा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की घोषणा कर दी। कारगिल युद्ध के समय टास्क फोर्स ने इसकी सिफारिश की थी। सरकारें आईं और गईं, लेकिन फैसला नहीं कर पाईं। तीनों सेनाओं के नेतृत्व के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होगा। युद्ध के समय तीनों सेनाएं दुश्मन के दांत खट्टे कर सकें, इसके लिए प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा कर दी। जल्द ही देश को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मिलेगा। तीनों सेनाएं एक साथ पूरी ताकत के साथ काम करेंगी।

हरियाणा के विकास की इमारत से दिखेगा कश्मीर

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले पांच साल में मनोहर सरकार ने प्रदेश के विकास की नींव को मजबूत किया है। पिछले पांच साल में सरकार ने अमूल-चूल परिवर्तन किया है। अगले पांच साल में इस नींव पर इतनी ऊंची इमारत बनेगी कि इससे कश्मीर दिखाई देगा।

ढाई गुना बढ़ा प्रदेश का अनुदान
शाह ने मंच से कहा कि जब केंद्र व प्रदेश में दोनों ही जगह कांग्रेस की सरकार होती थी तो हरियाणा को 22 हजार करोड़ रुपये केंद्र से मिले थे। वहीं भाजपा की सरकार बनने के बाद 55 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे प्रदेश का विकास होगा।

दूध में शक्कर की तरह मिल गए हैं चौधरी बीरेंद्र सिंह
रैली के मंच से केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह के बारे में कहा कि वे भाजपा में इस प्रकार से मिल गए हैं, जैसे दूध में शक्कर मिलती है। शाह ने कहा कि उन्होंने पांच साल पहले इसी मैदान में उन्हें भाजपा में ज्वाइन करवाया था।

एक क्विंटल सदस्यता फार्म भेंट
रैली में पहुंचे अमित शाह को एक क्विंटल सदस्यता फार्म भेंट किए गए। मंच से कहा कि गया कि अमित शाह का वजन 99 किलोग्राम है, लेकिन फार्म एक क्विंटल दिए गए हैं, ताकि दिल्ली तक जाते-जाते उनका वजन एक किलोग्राम और बढ़ जाए।

अमित शाह को भेंट किया लठ
रैली के दौरान कई नेताओं ने बुक्के देकर अमित शाह का स्वागत किया, लेकिन राज्यसभा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने लठ भेंट किया। इस पर अमित शाह काफी खुश नजर आए।

शाह ने लगाया हरियाणावी तड़का
जिस समय गृहमंत्री अमित शाह संबोधन के लिए माइक पर आए, एक कार्यकर्ता जोश में नारे लगते हुए उन्हें डॉ. अमित शाह कह बैठा। इसको शाह ने नोटिस किया और ठेठ हरियाणवी अंदाज में कहा कि डाक्टर कड़ै तैं बणा दिया।’

 

शाह ने बताई सरकार की विकास परियोजाएं

रैली के मंच से प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को बड़ा संदेश देने के लिए उन तमाम विकास परियोजनाओं की चर्चा गृहमंत्री अमित शाह से करवाई, जो चल रही हैं शुरू होनी हैं। इसके तहत उन्होंने जींद के बस स्टैंड से लेकर, रिंग रोड, पेयजल परियोजना तक का जिक्र कर डाला। इसके अलावा शुरू होने वाली जींद-हांसी रेल लाइन व अन्य परियोजनाओं को भी लोगों को बताया। शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार से पहले हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 35 हजार रुपये थी, लेकिन अब यह दो लाख 26 हजार 644 रुपये हो गई है। इसी प्रकार लिंगानुपात में भी सुधार हुआ है। पहले हरियाणा का लिंगानुपता 871 था, लेकिन अब यह 918 हो गया है।

नए हरियाणा का श्रेय केंद्र को : सीएम
एकलव्य स्टेडियम में आयोजित आस्था रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार वादों से बढ़कर काम किया है। इसके बावजूद अभी बहुत काम करने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि प्रदेश में एक लाख 80 हजार रुपये से कम आय वाले लोगों को तमाम जरूरी सुविधाएं अधिकारी उनके घर जाकर मुहैया करवाएंगे। इसके लिए डॉटा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के विकास का श्रेय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को जाता है।

इस दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि जींद उपचुनाव में कांग्रेस ने बहुत बड़े नेता को मैदान में उतारा, लेकिन उनकी जमानत महज एक हजार वोटों से बची, वे तीसरे स्थान पर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सी पार्टियों के नेता भाजपा में आ रहे हैं। अब भाजपा कार्यकर्ताओं की परीक्षा है कि वे कितने दिन में दूसरे दिलों के अंदर उतरते हैं।

 

बीरेंद्र सिंह की रैली में सीएम मनोहर लाल की पीठ थपथपाते रहे शाह

प्रदेश की सियासत में ट्रेजरी किंग के नाम से पहचाने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र डूमरखां का भाजपा में पांच साल का सफर पूरा हो गया है। भाजपा ने उनको केंद्र में मंत्री पद दिया। साथ ही बेटे बृजेंद्र को संसद में पहुंचाया, लेकिन उनके सीएम बनने की इच्छा भाजपा भी पूरी नहीं कर सकी और न ही अगले पांच साल में पूरी होने की संभावना लग रही है। सियासी नजरिए से कहें तो चंडीगढ़ तक उनका सफर आज भी उतनी ही दूर है, जिनका कांग्रेस में रहते हुए था।

क्योंकि शुक्रवार की जींद रैली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बीरेंद्र सिंह की रैली में 29 मिनट के संबोधित में सीएम मनोहर लाल की न केवल पीठ थपथपाते रहे, बल्कि साफ कह दिया कि अबकी बार फिर प्रदेश की जनता सीएम मनोहर लाल को अगले पांच साल के लिए आशीर्वाद देगी। किसान व गरीबों के मसीहा रहे सर छोटूराम के नाती बीरेंद्र सिंह देश व प्रदेश की राजनीति से दशकों से जुड़े हैं।

1966 के बाद जब प्रदेश की राजनीति पहले सीएम भगवत दयाल और राव विरेंद्र सिंह के हाथ से निकल कर तीन दशक तक राजनीति के तीन लाल बंसीलाल, देवीलाल व भजनलाल के हाथ में आ गई, तब बीरेंद्र सिंह अपना अलग मुकाम बनाए हुए थे। उनकी पहुंच कांग्रेस के अंदर पूर्व पीएम राजीव गांधी तक थी। कहते हैं कि अगर राजीव गांधी की असमय मृत्यु नहीं होती तो 1991 में भजनलाल की जगह बीरेंद्र सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री होते।

इतना ही नहीं, जब 2005 में भजनलाल का दौर खत्म हुआ तो बीरेंद्र सिंह ने सीएम पद का दावेदार होने के बावजूद भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम की सिफारिश करनी पड़ी। 10 साल हुड्डा कांग्रेस राज में सीएम रहे। 2014 में हालात भांप कर बीरेंद्र सिंह कांग्रेस से दशकों पुराना नाता तोड़कर भाजपा में आ गए। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि बीरेंद्र सिंह की सीएम बनने की हसरत भाजपा में रहकर पूरी हो सकती है, लेकिन राजनीति के नए खिलाड़ी मनोहर लाल ने संगठन के बाद राजनीति में अहम छाप छोड़ी है।

पांच साल में कार्यकाल के पहले दो साल 2016 तक सीएम मनोहर लाल पार्टी के अंदर और बाहरी मोर्चों पर दो-चार होते रहे, लेकिन पहले मेयर, फिर जींद उप चुनाव, इसके बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत ने उनको सियासत का बड़ा खिलाड़ी बना दिया। न केवल उनके नेतृत्व को समय-समय पर पार्टी के अंदर चुनौती देने वाली आवाज दबकर रह गई, बल्कि इनेलो की टूट और कांग्रेस की फूट के बीच बाहरी मोर्चों पर भी खास चुनौती नहीं मिल सकी। जींद की आस्था रैली का आयोजन चाहे पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने किया, लेकिन अमित शाह अपने संबोधन में बार-बार सीएम मनोहर लाल की पीठ थपथापते नजर आए।

 
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