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अस्पताल के बेड से उठकर घर चल पड़ा उपचाराधीन कैदी
गुरदासपुर ।
Updated Sun, 14 Sep 2014 10:45 PM IST
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सिविल अस्पताल में भर्ती एक बीमार कैदी अस्पताल के बेड से उठकर अपने घर की ओर चल पड़ा। मामले का खुलासा होने पर पता चला कि इस मामले में उसकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत है। जिला जेल के इस कैदी को पिछले दिनों तबीयत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वह नशा तस्करी के आरोप में 2007 से जिला जेल में निरुद्ध था। आखिरकार हरकत में आई पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। उधर, मामले में मिलीभगत के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों पर अब विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। बटाला का नीरज मसीह सिविल अस्पताल में दाखिल था।
रविवार को तबीयत में सुधार होने पर उसे डॉक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी दे दी, लेकिन वह वापस जेल जाने की बजाय बटाला स्थित घर की ओर चल पड़ा। अस्पताल में उसकी सुरक्षा के लिए हवलदार गुरमीत मसीह व हवलदार सतनाम सिंह को तैनात किया गया था। बताया जाता है कि अपने घर जाने के लिए कैदी ने पुलिस मुलाजिमों को प्रलोभन दिया। साथ ही अस्पताल के बाहर से एक टैक्सी किराए पर कर ली।
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उधर, जब नीरज मसीह जेल नहीं पंहुचा तो जेल प्रशासन हरकत में आया। दूारी ओर सूचना पर धारीवाल पुलिस ने कैदी की टैक्सी को रोक कर पूछताछ की। पता चला कि यह कैदी वही नीरज है जो जेल नहीं पंहुचा है। इस पर धारीवाल पुलिस स्टेशन इंचार्ज निर्मल सिंह ने उसे काबू कर लिया। साथ ही उसे वापस जेल भेज दिया।
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वह नशा तस्करी के आरोप में 2007 से जिला जेल में निरुद्ध था। आखिरकार हरकत में आई पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। उधर, मामले में मिलीभगत के आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों पर अब विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। बटाला का नीरज मसीह सिविल अस्पताल में दाखिल था।
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रविवार को तबीयत में सुधार होने पर उसे डॉक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी दे दी, लेकिन वह वापस जेल जाने की बजाय बटाला स्थित घर की ओर चल पड़ा। अस्पताल में उसकी सुरक्षा के लिए हवलदार गुरमीत मसीह व हवलदार सतनाम सिंह को तैनात किया गया था। बताया जाता है कि अपने घर जाने के लिए कैदी ने पुलिस मुलाजिमों को प्रलोभन दिया। साथ ही अस्पताल के बाहर से एक टैक्सी किराए पर कर ली।
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उधर, जब नीरज मसीह जेल नहीं पंहुचा तो जेल प्रशासन हरकत में आया। दूारी ओर सूचना पर धारीवाल पुलिस ने कैदी की टैक्सी को रोक कर पूछताछ की। पता चला कि यह कैदी वही नीरज है जो जेल नहीं पंहुचा है। इस पर धारीवाल पुलिस स्टेशन इंचार्ज निर्मल सिंह ने उसे काबू कर लिया। साथ ही उसे वापस जेल भेज दिया।