पंजाब: बोले सो निहाल के जयघोष के साथ श्री कीरतपुर साहिब में होला मोहल्ला का आगाज
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सिख कौम की चढ़दीकला के प्रतीक राष्ट्रीय पर्व होला मोहल्ला का गुरुवार को श्री कीरतपुर साहिब में रंगारंग आगाज हो गया। श्री अखंड पाठ आरंभ होने के साथ गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघुवीर सिंह द्वारा अरदास करने के उपरांत बोले सो निहाल के जयघोष के साथ खालसाई जाहो जलाल के साथ मेले की शुरुआत हुई।
गुरुवार को श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब के पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर नगरी में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होकर खुशियों की कामना की। इस दौरान गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब, गुरुद्वारा श्री बाबा गुरदिता जी, डेरा बाबा श्री चंद जी, दरगाह पीर साईं बुध्धण शाह, गुरुद्वारा श्री चरण कंवल साहिब, गुरुद्वारा श्री शीश महल साहिब के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक शीश नवाया। एसजीपीसी द्वारा सभी गुरुद्वारा साहिबान को फूल मालाओं से सजाया गया है। सभी में भव्य लाइटिंग भी की गई है।
इस दौरान सिंह साहिब ज्ञानी रघुवीर सिंह ने कहा कि सिख कौम का राष्ट्रीय पर्व होला मोहल्ला धार्मिक नगरी श्री कीरतपुर साहिब और खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा। मेले को दो पड़ावों में मनाया जाएगा। पहले पड़ाव का आगाज हो गया है, जबकि संपूर्णता का भोग 7 मार्च को डाला जाएगा।
उसके बाद श्री आनंदपुर साहिब में इस मेले की शुरुआत होगी और 10 मार्च को मेले की संपूर्णता होगी। 10 मार्च को घोड़ों के साथ मेले में पहुंची निहंग सिंह जत्थेबंदियां अपने जौहर दिखाएंगी। इस दौरान उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं खासकर युवाओं को अपील की है कि यह मेला सिख कौम की चढ़दीकला का प्रतीक है। इस दौरान किसी भी प्रकार की हुल्लड़बाजी न करें। इस पर्व को बड़ी नम्रता के साथ मनाना चाहिए।
जगह-जगह लगाए गए लंगर
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एसजीपीसी के अलावा अन्य धार्मिक जत्थेबंदियों द्वारा लंगर लगाने के लिए तैयारियां पूर्ण रूप कर ली गई हैं। इस दौरान गुरुद्वारा श्री पातालपुरी साहिब के निकट चार लंगर लगाए जा रहे हैं। गुरुद्वारा श्री बाबा गुरदित्ता जी और दरगाह पीर साईं बुध्धण शाह के अलावा अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। उसके अलावा जगह-जगह पर पेयजल, शौचालयों और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है।
किला आनंदगढ़ से पांच पुरातन नगाड़े बजाकर होला मोहल्ले की शुरुआत
अलग-अलग धार्मिक, सामाजिक जत्थेबंदियों की तरफ से बुधवार-गुरुवार की रात पुरातन नगाड़े बजाकर छह दिवसीय राष्ट्रीय पर्व होला-मोहल्ले की शुरुआत की गई। इस मौके पर आरंभता की अरदास मुख्य ग्रंथी ज्ञानी फुला सिंह की तरफ से की गई। वहीं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह, शिरोमणि समिति के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह समेत बड़ी संख्या में संतों-महापुरुषों और संगत ने हाजिरी भरी।
इस मौके पर किला आनंदगढ़ साहिब में हुए प्रभाशाली समागम के दौरान ढाडी और कीर्तनी जत्थों ने संगत को गुरबाणी रस से निहाल किया। वहीं शिरोमणि समिति के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने नगाड़े बजाकर होला-मोहल्ला की शुरुआत करने का महत्व बताया। जत्थेदार रघबीर सिंह ने कहा कि होला-मोहल्ला का त्योहार खालसा पंथ की चढ़दीकला का प्रतीक है।
यही कारण है कि दशकों से नगाड़े बजा कर शुरुआत करने की रस्म आज भी निभाई जाती है। इस मौके पर मुख्य तौर पर तप स्थान की तरफ से बाबा तीर्थ सिंह, किला आनंदगढ़ साहिब की तरफ से बाबा सुच्चा सिंह, बाबा सतनाम सिंह, बाबा जरनैल सिंह, शिरोमणि समिति सदस्य डॉ. दलजीत सिंह भिंडर, बाबा गुरदेव सिंह, एडवोकेट हरदेव सिंह हैपी, पूर्व हेडग्रंथी ज्ञानी सुखविंदर सिंह आदि ने समागमों की निर्विघ्नता के लिए अरदास की। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर जसवीर सिंह के सिर पगड़ी भी सजाई गई।
शिरोमणि समिति के मुख्य सचिव डॉ. रुप सिंह और जत्थेदार रघबीर सिंह ने कहा कि समूची मानवता को लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से सचेत होना चाहिए और इस बार जो प्लास्टिक रहित होला मोहल्ला मनाने का अहद लिया गया है।
होला-मोहल्ला में कोरोना से बचाव के लिए प्रबंध पूरे
होला मोहल्ला के दौरान लगभग 25 लाख श्रद्धालु खालसा की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब और श्री कीरतपुर साहिब में नतमस्तक होंगे। इस दौरान विदेश से भी बड़ी संख्या में संगत हिस्सा लेने आती है। कोरोनावायरस के फैलने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
एसडीएम श्री आनंदपुर साहिब तथा मेला इंचार्ज कन्नू गर्ग का कहना है के बेशक इस वायरस का प्रकोप पंजाब में नहीं है लेकिन मेले के दौरान अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसके लिए श्री आनंदपुर साहिब के सिविल अस्पताल में अलग वार्ड बना दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई स्थानों पर होर्डिंग बोर्ड लगाए जाएंगे।
सिंह साहिब तख्त श्री केसगढ़ ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि गुरु महाराज की कृपा से हमारी नगरी पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें कोई शक नहीं कि कोई ऐसी घटना नहीं घट सकती जिससे लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानि पहुंच जाएं। उन्होंने सभी से अपील की है कि हाथ मिलाने के बजाय एक दूसरे को फतेह का जवाब फतेह में दें।