फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Hockey players are not getting necessary facilities in Patiala

खेल दिवस: कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिले में जरूरी सुविधाओं को मोहताज हॉकी खिलाड़ी, एस्ट्रोटर्फ की व्यवस्था तक नहीं

Sun, 29 Aug 2021 03:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Aug 2021 03:03 PM IST
सार

एस्ट्रोटर्फ पर कृत्रिम घास होती है, जो आम घास की तरह खेलने पर उखड़ती नहीं है। एस्ट्रोटर्फ के लगने से खेल के दौरान मैदान पर गड्ढे होने की समस्या भी नहीं रहती, जिससे खिलाड़ी अच्छे से खेल पाते हैं।

विज्ञापन
Hockey players are not getting necessary facilities in Patiala
हॉकी( सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जनपद में ही हॉकी खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं हैं। हालात यह हैं कि हॉकी के खिलाड़ी पिछले करीब चार वर्षों से स्थानीय पोलो ग्राउंड में एस्ट्रोटर्फ लगने के इंतजार में हैं लेकिन यह प्रोजेक्ट पंजाब खेल विभाग के उदासीन रवैये के चलते कागजी औपचारिकताएं पूरी न कर पाने के कारण रुका पड़ा रहा। इस संबंध में जिला खेल अधिकारी शाश्वत राजदान का कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए जो जरूरी डाक्यूमेंट जमा कराने थे, वह अब दे दिए हैं। उम्मीद है कि केंद्रीय खेल मंत्रालय से प्रोजेक्ट की जल्द मंजूरी मिल जाएगी।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक केंद्रीय खेल मंत्रालय के खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत पटियाला के पोलो ग्राउंड में भी 4.5 करोड़ की लागत से हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ लगाने और सात करोड़ से एथलेटिक खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनाने का प्रस्ताव है। वर्ष 2018 में यह प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन जरूरी कागजात फाइल में नहीं लगाए गए। बाद में चार वर्षों के दौरान पंजाब खेल विभाग ने प्रोजेक्ट की फाइल को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसी वजह से प्रोजेक्ट लटका है। 
विज्ञापन


डीएसओ शाश्वत राजदान ने बताया कि हाल ही में उनकी तरफ से कुछ जरूरी कागजात एस्ट्रोटर्फ लगाने के संबंध में प्रोजेक्ट के लिए भेजे गए हैं। अब उम्मीद है कि केंद्र द्वारा इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही एस्ट्रोटर्फ लगाने का काम शुरू हो जाएगा। वर्तमान में पोलो ग्राउंड में हॉकी के कोच तो हैं लेकिन खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोटर्फ न होने कारण वह फील्ड में ही प्रैक्टिस करते हैं। इस कारण उनके खेल में वह निखार नहीं आ पाता है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के हाकी मुकाबलों में खेलने के लिए चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले से नहीं निकल पा रहे हैं अच्छे हॉकी खिलाड़ी
सुविधाओं की कमी के कारण ही पिछले काफी समय से देश की राष्ट्रीय हॉकी टीम में पटियाला जिले से कोई खिलाड़ी शामिल नहीं हुआ है। हाल ही में टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष टीम ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया लेकिन दुख वाली बात यह रही कि पटियाला जिले से एक भी खिलाड़ी इस टीम में शामिल नहीं था। जबकि खेल क्षेत्र के नजरिये से पटियाला अहम माना जाता है, यहां पर नेता जी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) से लेकर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, पंजाबी यूनिवर्सिटी, सरकारी फिजिकल कॉलेज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed