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50 बाइक राइडर्स, 15 दिन और 2066 किमी का सफर पर हिमालयन ओडिसी रैली, रोमांचक होगा रूट

Fri, 05 Jul 2019 02:00 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 05 Jul 2019 02:00 PM IST
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himalayan odisi rally from chandigarh from 6th july, adventurous trip
बाइक रैली - फोटो : अमर उजाला
रॉयल एनफील्ड की हिमालयन ओडिसी 2019 रैली छह जुलाई से शुरू होने जा रही है। इसका शुभारंभ चंडीगढ़ से होगा। उसके बाद लेह से मनाली होते हुए वापस चंडीगढ़ में ही खत्म होगी। 15 दिनों तक चलने वाली रैली में दुनियाभर के 50 राइडर्स शामिल होंगे, जो 2066 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। पांच जुलाई को राइडर्स को टूर से जुड़ी सभी बातें विस्तार में बताई जाएंगी। साथ ही फर्स्ट एड ट्रेनिंग दी जाएगी। रैली के दौरान एक साथ चलने और एक-दूसरे की मदद करने के बारे में बताया जाएगा।
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ये राइडर्स चंडीगढ़ से मनाली के लिए निकलेंगे। ये मनाली तक 305 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। सफर के दौरान राइडर्स खूबसूरत वादियों और जंगल से निकलेंगे। इस दौरान मौसम भी सुहाना रहने की संभावना है। इस रूट पर मंडी और कुल्लू जैसे खूबसूरत शहर भी मिलेंगे, जिनका आनंद ले सकेंगे। सात जुलाई को मनाली से केलांग की यात्रा की जाएगी। यह करीब 115 किलोमीटर का सफर होगा। केलांग तक पहुंचने के लिए रोहतांग पास, कुल्लू वैली के साथ लाहौल और स्पीति से निकलना होगा।
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रैली के पांचवें दिन केलांग से सरचू का सफर किया जाएगा। यहां से हिमाचल प्रदेश का लाहौल जिला खत्म हो जाएगा। यहां से जम्मू और कश्मीर के लद्दाख जिले की शुरुआत होगी। इस रूट पर मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी। इस रूट पर कई जगह पथरीले रास्ते भी मिलेंगे।
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ऊबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बनाएंगे रोमांचक

9 जुलाई को सरचू के बाद सभी राइडर्स लेह के लिए रवाना होंगे। इस दौरान वह सभी 250 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। लेह की वादियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते इस सफर को रोमांचक बनाने का काम करेंगे। सातवां दिन सभी राइडर्स लेह में बिताएंगे। सभी को लोकल मार्केट में घूमने का वक्त दिया जाएगा।

ये लोग लद्दाख रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के पास रुकेंगे। 11 जुलाई को सफर आगे बढ़ेगा। इस दिन सभी राइडर्स 126 किलोमीटर का सफर तय करते हुए हंडर पहुंचेंगे। यहां दो कूबड़ वाले ऊंट के साथ डिस्क और हंडर के बीच रेत के टीलों के विशाल खंड दिखेंगे। नौवें दिन हंडर से पैंगोंगत्सो तक का सफर तय किया जाएगा।

इन दोनों जगहों की दूरी 240 किलोमीटर है। पैंगोंगत्सो 134 किलोमीटर में फैला है, जिसका 40 प्रतिशत हिस्सा भारत में है। इसे देश का सबसे ऊंचा घास वाला मैदान भी कहा जाता है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झील भी है।

यहां है दुनिया की सबसे ऊंची वेधशाला

10वें दिन राइडर्स पैंगोंगत्सो से हनले के लिए निकलेंगे। खूबसूरत पहाड़ों के बीच आड़े-तिरछे रास्ते सफर को रोमांचक बनाएंगे। यहां दुनिया की सबसे ऊंची वेधशाला भी है। 14 जुलाई को वापसी का सफर शुरू होगा। इस दिन हनले से डेबरिंग के लिए निकलेंगे। इस दौरान राइडर्स 176 किलोमीटर का सफर तय करेंगे।

इस दौरान राइडर्स न्योमा, पंग, जिंग-जिंग बार होते हुए निकलेंगे। इसी तरह वे वापस लौटेंगे। 17 जुलाई को सफर की आखिरी मंजिल तय की जाएगी यानी मनाली से चंडीगढ़ का सफर तय किया जाएगा। 18 जुलाई के दिन हिमालयन ओडिसी रैली चंडीगढ़ में खत्म हो जाएगी।
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