टावर से नीचे उतरें शिक्षक वरना नहीं होगी केस की सुनवाई : हाईकोर्ट
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने टावर पर चढ़े ईटीटी शिक्षकों को जमकर लताड़ा। मामले में लिए संज्ञान पर सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि अगर शिक्षक मंगलवार को टावर से नीचे नहीं उतरे तो सुनवाई रोक दी जाएगी।
हाईकोर्ट ने साफ किया कि पंजाब सरकार तेजी से नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है और शिक्षकों ने वादा किया था कि एक बार प्रक्रिया में तेजी लाई गई तो वे नीचे उतर जाएंगे। अमिकस क्यूरी तनु बेदी ने अदालत को आश्वासन दिया कि वे शिक्षकों को समझा कर नीचे उतरने के लिए राजी कर लेंगी।
मंगलवार को मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि ईटीटी की 4500 और 2005 पदों की भर्ती में 586 लोगों को नियुक्ति पत्र देने का निर्णय लिया गया था उसकी क्या स्थिति है।
पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैये पर भी हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
इस पर पंजाब सरकार ने बताया कि नियुक्ति लेने केवल 333 शिक्षक पहुंचे थे बाकी लोग नहीं आए। सबसे अहम बात यह है कि टावर पर चढ़े राकेश का नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है जो यूनियन के नेताओं ने लिया है।
इस पर कोर्ट मित्र ने बताया कि पंजाब सरकार को यह निर्देश दिए जाएं कि सभी 6505 पदों को भरा जाए और नियुक्ति में तेजी लाई जाए। साथ ही यदि कोई व्यक्ति एक भर्ती में ज्वाइन कर उस पद को छोड़कर दूसरी भर्ती में ज्वाइन करता है तो उस पद को रिक्त माना जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कुछ हलफनामे भी कोर्ट में पेश किए और कहा कि पंजाब सरकार ने इन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया है जबकि यह पंजाब सरकार की वेबसाइट पर मौजूद थे। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि पंजाब सरकार के अधिकारी क्यों संवेदनहीन हो गए हैं। उनकी कार्यशैली पर लगातार क्यों सवाल उठ रहे हैं।
अफसर छुट्टी पर हो तो क्या ऑफिस पर ताला लग जाता है
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि वे डीपीआई एलिमेंट्री एजुकेशन को बुलाएं। इस पर पंजाब सरकार ने बताया कि डीपीआई छुट्टी पर हैं।
हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि क्या एडवोकेट जनरल के छुट्टी पर होने से पूरे एजी ऑफिस में ताला लग जाता है। यदि ऐसा नहीं है तो फिर कोई जिम्मेदार अधिकारी बुलाया जाए जो इस पर जवाब दे।
हालांकि इसके बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश लिखवाते हुए सभी पदों भरने के लिए पंजाब सरकार को निर्देश जारी किए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह शिक्षक आज टावर से नीचे उतर आते हैं तो ही आगे सुनवाई होगी वरना याचिका को समाप्त कर दिया जाएगा।
टंकी पर चढ़ी अध्यापिका ने किया आत्मदाह का प्रयास
रेगुलर करने की मांग पर माल रोड बठिंडा स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर रोष प्रदर्शन कर रही अध्यापिका कर्मजीत कौर ने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया लेकिन उसके साथी अध्यापकों ने ऐसा करने से रोक लिया।
कर्मजीत ने कहा कि वह नौकरी पाकर ही घर जाएगी वरना यहीं जान दे देगी। वहीं, टंकी के नीचे बैठे अध्यापकों ने रोष मार्च निकालकर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के पोस्टर फाड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने अध्यापकों को रोकने का प्रयास भी किया।
अध्यापक यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष स्वर्णा ने बताया कि अध्यापक बीते लंबे समय से अपनी नौकरी रेगुलर की मांग पर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
वहीं सरकार का उनकी ओर ध्यान नहीं जा रहा। इस वजह से उनको टंकियों पर चढ़कर रोष प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आने वाले कुछ दिनों में सरकार ने अध्यापकों के बारे में कुछ न सोचा तो वह सीएम हाउस में घुसकर सरकार से आरपार की लड़ाई लडे़ंगे।