फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   highcourt on stray dogs

हाईकोर्ट ने पूछा-लोगों को क्यों काट रहे हैं स्ट्रे डॉग्स

Sat, 13 May 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 13 May 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
highcourt on stray dogs
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स के मामले में शुक्रवार को यूटी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। अदालत ने कहा कि चंडीगढ़ नगर निगम और यूटी प्रशासन दावा कर रहे हैं कि कुत्तों की नसबंदी की, लोगों को जागरूक किया तो फिर क्यों अखबार रोजाना डॉग बाइट की खबरों से भरे आ रहे हैं। हाईकोर्ट ने पूर्व में दिए आदेशों के पालन की रिपोर्ट अगली सुनवाई पर सौंपने को कहा है।

प्रशासन ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि उसे इस बारे में जवाब देने के लिए समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी तक आपने किया क्या है। प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि 9 हजार कुत्तों की नसबंदी की गई और  यह अभी जारी है। हाईकोर्ट ने कहा, हमें आंकड़े नहीं बल्कि काम चाहिए। आखिर क्यों लोग स्ट्रे डॉग्स का शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन

प्रशासन ने बताया कि अधिक गर्मी में कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं और वे हमला कर देते हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि क्या पहले से प्रशासन को पता नहीं था कि इस दौरान इस प्रकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके  लिए पूर्व में व्यवस्था क्यों नहीं की गई। हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए कि वह लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए काम करे। विज्ञापन निकाले जाएं। युवा तो फिर भी इस प्रकार की समस्या से कुछ हद तक निपट लेंगे, लेकिन बच्चों का क्या होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ के गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, एमसी कमिश्नर व निदेशक स्वास्थ्य को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। चंडीगढ़ निवासी आरपी सिंह ने अवमानना याचिका दायर कर स्ट्रे डॉग्स की समस्या का समाधान पाने में प्रशासन को फेल बताया था। मामले में हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में प्रशासन और निगम के अधिकारियों को दोषी ठहराया जाएगा और उन पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि हाईकोर्ट के आदेशों पर जो कमेटी गठित की गई है, उसके सुझावों पर भी गौर किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed