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आवारा कुत्तों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ को सुनाया फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:06 AM IST
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बच्चे को कुत्ते ने काटा
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आवारा कुत्तों के काटे जाने के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए अब पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को कड़े निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत नीति बनाने के आदेश दे दिए हैं। इसके तहत कुत्तों के काटने पर इलाज से लेकर मुआवजा और इनकी रोकथाम के सभी उपायों को शामिल करना होगा। पंजाब के समाना में पांचवीं कक्षा के 12 वर्षीय बच्चे की कुत्ते के काटने के बाद मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को यह आदेश दिए हैं।
इस बच्चे के पिता राम कुमार ने एडवोकेट हरी चंद अरोड़ा के जरिए याचिका दायर कर बच्चे की मृत्यु पर दस लाख रुपये मुआवजे देने की मांग की है। याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि स्थानीय प्रशासन की नाकामी के चलते आवारा कुत्तों पर रोक नहीं लगाई जा रही और न ही उचित इलाज ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। इलाज के अभाव में राम कुमार के पुत्र अंकित की मौत हो गई थी। अंकित की मौत के लिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार जिम्मेदार है। ऐसे में सरकार को उसको मुआवजा देना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और यह सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है। ऐसे मामले रोज चंडीगढ़ और हरियाणा से भी सुनने को मिल रहे हैं ।
रोज आवारा कुत्तों के काटने के काफी संख्या में केस सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर इस मामले में चंडीगढ़ नगर निगम को भी नोटिस जारी कर पूछा था कि इस मामले में बनाई गई नीति और प्रभावित लोगों की दिया क्या मुआवजा दिया जा रहा है, उसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी जाए। अब हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को इस मामले को लेकर एक विस्तृत नीति बनाने के आदेश देते हुए याचिका पर सुनवाई 18 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
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इस बच्चे के पिता राम कुमार ने एडवोकेट हरी चंद अरोड़ा के जरिए याचिका दायर कर बच्चे की मृत्यु पर दस लाख रुपये मुआवजे देने की मांग की है। याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि स्थानीय प्रशासन की नाकामी के चलते आवारा कुत्तों पर रोक नहीं लगाई जा रही और न ही उचित इलाज ही उपलब्ध करवाया जा रहा है। इलाज के अभाव में राम कुमार के पुत्र अंकित की मौत हो गई थी। अंकित की मौत के लिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार जिम्मेदार है। ऐसे में सरकार को उसको मुआवजा देना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और यह सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है। ऐसे मामले रोज चंडीगढ़ और हरियाणा से भी सुनने को मिल रहे हैं ।
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रोज आवारा कुत्तों के काटने के काफी संख्या में केस सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर इस मामले में चंडीगढ़ नगर निगम को भी नोटिस जारी कर पूछा था कि इस मामले में बनाई गई नीति और प्रभावित लोगों की दिया क्या मुआवजा दिया जा रहा है, उसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी जाए। अब हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को इस मामले को लेकर एक विस्तृत नीति बनाने के आदेश देते हुए याचिका पर सुनवाई 18 अगस्त तक स्थगित कर दी है।
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