फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   highcourt again notice issued on ram rahim

हाईकोर्ट ने फिर बढ़ाई राम रहीम की मुश्किलें

Fri, 06 Feb 2015 01:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 06 Feb 2015 01:15 PM IST
विज्ञापन
highcourt again notice issued on ram rahim

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी जैसी वेषभूषा धारण कर अपने अनुयायिओं को जाम-ए-इंसा पिलाने के उपक्रम में दर्ज एफआईआर से बचे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। एफआईआर रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को डेरा प्रमुख को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ एफआईआर रद्द किए जाने के फैसले को ही रद्द कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को भी नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन


डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत किए जाने के आरोप में बठिंडा के थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में पंजाब पुलिस ने बठिंडा अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल करते हुए यह मामला रद्द करने का आग्रह किया था।
विज्ञापन


पुलिस की ओर से कहा गया था कि सलाबतपुर में जिस सत्संग के दौरान राम रहीम की ओर से गुरू गोबिंद सिंह के पांच प्यारों को अमृतपान की भांति डेरा प्रेमियों को जाम-ए-इसां पिलाने की बात कही गई थी, उसमें शिकायतकर्ता राजिंदर सिंह ने खुद मौजूद होने से इनकार कर दिया है। ऐसे में मामले का औचित्य नहीं रह जाता। अदालत ने यह आग्रह मंजूर करते हुए कैंसलेशन रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट में याचिका दायर

highcourt again notice issued on ram rahim

अदालत के इसी फैसले के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वीरवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस सुरिंदर कुमार गुप्ता की एकल बेंच ने राम रहीम और पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर बठिंडा अदालत का फैसला क्यों न रद्द कर दिया जाए।

जसपाल सिंह मंझपुर ने एडवोकेट नवकिरन सिंह के माध्यम याचिका में कहा कि राजिंदर सिंह बठिंडा अदालत में कह चुका है कि उसने पुलिस को कोई हलफनामा नहीं दिया कि वह सलाबतपुर में मौजूद नहीं था। आरोप है कि श्रद्धालुओं की संख्या के कारण राम रहीम का राजनीतिक प्रभाव है। पंजाब में अकाली दल को बठिंडा से पंजाब के मुख्यमंत्री की पुत्रवधु को लोकसभा चुनाव में राम रहीम ने मदद की। इसी के एवज में पंजाब सरकार ने बठिंडा अदालत में कैंसलेशन रिपोर्ट दाखिल कर कर्ज चुकाया।

यह है मामला

highcourt again notice issued on ram rahim

सलाबतपुरा गुरुद्वारा प्रधान राजिंदर सिंह की शिकायत पर राम रहीम के खिलाफ कोतवाली थाना बठिंडा में 20 मई 2007 को धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज हुआ था।

शिकायत थी कि राम रहीम ने 11 मई को गांव में एक सत्संग के  दौरान गुरू गोबिंद सिंह जैसी पोषाक पहन ठीक उसी तरीके से जाम-ए-इंसा पिलाया, जैसे गुरू गोबिंद सिंह ने पांच प्यारों को अमृत धारण करवाया था।

इससे सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने 27 जनवरी 2001 को बठिंडा अदालत में रिपोर्ट दी कि राम रहीम के खिलाफ कार्रवाई नहीं बनती, लिहाजा मामला रद्द किया जाए। बठिंडा अदालत ने पिछले साल सात अगस्त को कैंसलेशन रिपोर्ट मंजूर कर ली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed