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भीम हत्याकांड: जंटा बोला- फार्म हाउस के बजाय आहते पर हुई थी घटना
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:15 PM IST
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गुरजंट सिंह जंटा ने अदालत में दिए बयान
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बहुचर्चित भीम टांक हत्याकांड में घायल हुए मुख्य गवाह गुरजंट सिंह जंटा ने सोमवार को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश लछमन सिंह की अदालत में अपने बयान दर्ज करवाते हुए कहा कि यह घटना रामसरा फार्म हाउस के बजाय किसी शराब आहते पर हुई थी।
जंटा ने यह भी कहा कि घायलावस्था के दौरान उसने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जो बयान दिए थे वह एक इंस्पेक्टर ने दबाव डालकर दिलवाए थे। इंस्पेक्टर ने कहा था कि जो मैं कहूं, वही बयान देने हैं।
अब मैं अदालत में जो बयान दे रहा हूं, पूरे होशोहवास में दे रहा हूं। गुरजंट सिंह जंटा को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। अदालत में मुख्य गवाहों की गवाही न होने के कारण शिव लाल डोडा की जमानत याचिका पर फैसला नहीं हो रहा था।
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जंटा ने यह भी कहा कि घायलावस्था के दौरान उसने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जो बयान दिए थे वह एक इंस्पेक्टर ने दबाव डालकर दिलवाए थे। इंस्पेक्टर ने कहा था कि जो मैं कहूं, वही बयान देने हैं।
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अब मैं अदालत में जो बयान दे रहा हूं, पूरे होशोहवास में दे रहा हूं। गुरजंट सिंह जंटा को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। अदालत में मुख्य गवाहों की गवाही न होने के कारण शिव लाल डोडा की जमानत याचिका पर फैसला नहीं हो रहा था।
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ये है पूरा मामला
अबोहर के भीम टांक हत्याकांड का मुख्यारोपी शिव लाल डोडा
- फोटो : फाइल फोटो
गौरतलब है कि 11 दिसंबर, 2015 को हुए भीम हत्याकांड में थाना बहाववाला के तत्कालीन प्रभारी हरिंदर सिंह चमेली ने जंटा के भाई रंजीत सिंह राणा के बयानों पर केवल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
बाद में राजनीतिक दखलंदाजी के चलते जब भाजपा और कांग्रेसी नेताओं ने शिव लाल डोडा और अमित डोडा के नाम शामिल न किए जाने तक शव उठवाने से इंकार कर दिया तो पुलिस ने धारा 120-बी की बढ़ोतरी करते हुए शिव लाल व अमित डोडा सहित 26 लोगों को इस मामले में शामिल कर चलान पेश किया।
बाद में यह मामला राज्यसभा व लोकसभा में उठने के बाद तत्कालीन डीआईजी अमर सिंह चहल के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई जिसमें एसपी अबोहर हरजीत सिंह व डीएसपी अबोहर शामिल थे। इसी दौरान थाना बहाववाला के प्रभारी हरिंदर सिंह चमेली को लाइन हाजिर किया गया था। जबकि दो आरोपियों हैप्पी और विक्की की जमानत हो चुकी है।
बाद में राजनीतिक दखलंदाजी के चलते जब भाजपा और कांग्रेसी नेताओं ने शिव लाल डोडा और अमित डोडा के नाम शामिल न किए जाने तक शव उठवाने से इंकार कर दिया तो पुलिस ने धारा 120-बी की बढ़ोतरी करते हुए शिव लाल व अमित डोडा सहित 26 लोगों को इस मामले में शामिल कर चलान पेश किया।
बाद में यह मामला राज्यसभा व लोकसभा में उठने के बाद तत्कालीन डीआईजी अमर सिंह चहल के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई जिसमें एसपी अबोहर हरजीत सिंह व डीएसपी अबोहर शामिल थे। इसी दौरान थाना बहाववाला के प्रभारी हरिंदर सिंह चमेली को लाइन हाजिर किया गया था। जबकि दो आरोपियों हैप्पी और विक्की की जमानत हो चुकी है।