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टाटा डोकोमो को हाईकोर्ट का बड़ा झटका

Mon, 21 Sep 2015 08:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 21 Sep 2015 08:14 AM IST
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high court strict on signals, order to Tata Docomo for compensation

टॉटा डोकोमो कंपनी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मोहाली के लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। लेकिन कोर्ट ने कंपनी की एप्लीकेशन खारिज कर दी है।

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साथ ही कंपनी को लोक अदालत के दिए आदेश के मुताबिक साठ हजार भुगतान करने के आदेश दिए हैं। कंपनी को आदेश हैं कि उपभोक्ता के घर के पास सिग्नल मजबूत करने के लिए बूस्टर भी लगाना होगा।
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फेज-6 निवासी कुलविंदर सिंह ने बताया कि वह पेशे से वकील हैं। उन्होंने कुछ समय पहले अपने एयरटेल के मोबाइल नंबर की पोर्टेबिलिटी टाटा डोकोमो में कराई थी। लेकिन उनके घर में टाटा डोकोमो कंपनी के सिग्नल नहीं आते थे। उनका मकान कंपनी के सिग्नल वाली रेंज में नहीं था।
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उन्होंने इस संबंधी में शिकायत पहले कंपनी को दी। कंपनी ने अपनी तकनीकी टीम को उनके घर भेजा। लेकिन तकनीकी टीम समस्या का हल नहीं निकाल पाई।

अदालत ने उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया फैसला

high court strict on signals, order to Tata Docomo for compensation

टीम ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद कंपनी ने उनकी कोई मदद नहीं की। जबकि फोन में सिग्नल न आने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। हारकर उन्होंने दस दिसंबर 2014 को कंपनी के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में केस दायर किया।

आठ जुलाई 2015 को अदालत ने फैसला उनके पक्ष में सुनाया। साथ ही कंपनी को आदेश दिए हैं कि फोन के चलते हुई परेशानी के लिए उपभोक्ता को 50 हजार जुर्माना व दस हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में दिए जाएं। इसके अलावा उनके घर के पास ऐसी व्यवस्था की जाए कि मोबाइल में टावर की रेंज में आ सके।

इसके लिए कंपनी को उनके घर के पास बूस्टर लगाने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि कंपनी लोक अदालत द्वारा दिए फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चली गई। लेकिन हाईकोर्ट ने कंपनी के केस को खारिज कर दिया।

वहीं अब कंपनी को अब लोक अदालत के आदेशों पर कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने बताया कि अगर कंपनी ने फिर भी सुनवाई नहीं की तो वह कंपनी की कुर्की के लिए अदालत में केस दायर करेंगे।

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