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Punjab News: अवैध कालोनियों का बिना एनओसी पंजीकरण, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब

Sun, 23 Jul 2023 12:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 23 Jul 2023 12:50 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार की अनुमति दी गई तो पंजाब अवैध कालोनियों से भर जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर 12 दिसंबर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो कोर्ट आवश्यक आदेश जारी करेगा।

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High court seeks jawab from Punjab government on illegal colonies without NOC registration
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में अवैध कॉलोनियों की बिना एनओसी के सेल डीड की अनुमति वाली पंजाब सरकार की 12 दिसंबर 2019 की नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए आखिरी मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार की अनुमति दी गई तो पंजाब अवैध कालोनियों से भर जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर 12 दिसंबर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो कोर्ट आवश्यक आदेश जारी करेगा।

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लुधियाना निवासी प्रेम प्रकाश ने एडवोकेट आयुष गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी। 2014 और फिर बाद में 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कालोनियों को पंजीकृत करने का सरकार ने निर्देश जारी किया था। 
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यह तय किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार ऐसी किसी संपत्ति को पंजीकृत नही करेंगे जिसकी एनओसी नहीं होगी। 12 दिसंबर 2019 को सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर एनओसी की बाध्यता हटा दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे अवैध कालोनियों के पंजीकरण का रास्ता सरकार ने साफ कर दिया है। हरियाणा के एक मामले में हाईकोर्ट पहले ही तय कर चुका है कि बिना एनओसी सेल डीड नहीं हो सकती।

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याची ने बताया कि इससे पहले भी इस विषय को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। उस दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि यह नोटिफिकेशन कानून विभाग के परामर्श से जारी की गई है। अगर इस पर आपत्ति है तो सरकार फिलहाल इस नोटिफिकेशन पर अपनी ओर से तब तक रोक लगाने को तैयार है, जब तक की याचिकाकर्ता द्वारा दी गई शिकायत पर दोबारा गौर नहीं कर लिया जाता। 

पंजाब सरकार के इस बात पर विश्वास दिलाने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था। पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने का आदेश दिया था। याची ने बताया कि पंजाब सरकार ने याची के मांगपत्र पर निर्णय लेते हुए इसे खारिज कर दिया। ऐसे में दोबारा यह याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद इस मामले में पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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