Punjab: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा नशा, इसकी जड़ों को खत्म करना जरूरी
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 500 किलो हेरोइन तस्करी के आरोपी की जमानत रद्द कर दी है। एनआईए की याचिका पर हाईकोर्ट ने यह फैसला लिया। कोर्ट ने कहा कि नशे की तस्करी, सप्लाई चेन और सौदागरों का पता लगाने की खातिर हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है।
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पाकिस्तान से 500 किलो हेरोइन की भारत में तस्करी के आरोपी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका देते हुए पांच जुलाई 2021 को दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह अब कोई छिपी बात नहीं है कि नशा देश को खोखला कर रहा है और ऐसे में देश को बचाने के लिए नशे तस्करी को जड़ से खत्म करना जरूरी है।
याचिका दाखिल करते हुए एनआईए ने बताया कि सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस की एसटीएफ ने बड़ा ऑपरेशन चलाया था और करीब 200 किलो हेरोइन जब्त की थी। एसटीएफ की जांच जारी थी और इसी दौरान आरोपी अंकुश विपिन कपूर को पांच जुलाई 2021 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी।
हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा का पता चलने के बाद मामला एनआईए को सौंप दिया गया और 13 अक्तूबर से जांच आरंभ की गई। जांच में सामने आया कि 500 किलो हेरोइन सुखविंदर सिंह व अन्य पाकिस्तान से पानी के रास्ते भारत लेकर आए थे। इसके बाद 200 किलो वहां से ट्रक के जरिये अमृतसर लाई गई थी।
जांच के बाद एनआईए के पास और कुछ सबूत पहुंचे और इनके आधार पर हाईकोर्ट से अपील की गई कि आरोपी की जमानत को रद्द किया जाए। आरोपी ने दलील दी कि उसने जमानत की कोई शर्त नहीं तोड़ी है और वह जांच में भी शामिल हो चुका है। ऐसे में उसकी जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मौजूदा मामले में सीमा पार से नार्को-आतंकवाद के गंभीर आरोप हैं, जिसमें 500 किलोग्राम हेरोइन की भारी बरामदगी शामिल है। ड्रग सिंडिकेट का पता लगाने और उसका भंडाफोड़ करने के लिए गहन और प्रभावी जांच की आवश्यकता है, जो आरोपी से हिरासत में पूछताछ के बिना संभव नहीं होगा।
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नशीली दवाओं का खतरा दीमक की तरह फैल गया है और धीरे-धीरे अपना जाल फैला रहा है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इन दवाओं और नशीले पदार्थों के स्रोत को लक्षित करके आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना जरूरी है। ऐसे में यह पता लगाने के लिए कि पंजाब में नशे का सिंडिकेट कौन चला रहा है, यह जानने के लिए हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत को रद्द कर दिया है।