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Punjab News: अमृतपाल के साथियों की याचिका पर नहीं दिया जवाब, पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार
Mon, 06 Nov 2023 09:20 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Nov 2023 09:20 PM IST
सार
याची ने कहा कि उसके खिलाफ की गई यह कार्रवाई कानून की तय प्रक्रिया का पालन करते हुए नहीं की गई है। ऐसे में यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
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अमृतपाल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विस्तार
वारिस पंजाब दे संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह के डिब्रूगढ़ जेल में बंद साथी गुरी औजला व अन्य की याचिका पर जवाब दाखिल नहीं करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का मौका देते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अगर जवाब नहीं आया तो प्रति याचिका 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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याचिका दाखिल करते हुए गुरिंदर सिंह औजला उर्फ गुरी औजला, प्रधानमंत्री बाजेके, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, कुलवंत सिंह रायोके और बसंत सिंह द्वारा अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया गया था। कोर्ट को बताया गया कि पंजाब में अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए राज्य सरकार ने मुहिम चलाई थी। इसके तहत अमृतपाल के साथियों पर शिकंजा कसा गया था। इसी कड़ी में याचिकाकर्ता को भी शिकार बनाया गया और उसके खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया।
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याची ने कहा कि उसके खिलाफ की गई यह कार्रवाई कानून की तय प्रक्रिया का पालन करते हुए नहीं की गई है। ऐसे में यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
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