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Chandigarh News: दिव्यांग कर्मचारियों में भेद-भाव पर हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

Fri, 14 Jun 2024 02:55 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2024 02:55 AM IST
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High Court reprimands Haryana government on discrimination among disabled employees
-सेवानिवृत्त किए दिव्यांग कर्मचारी को फिर से सेवा में लेकर सभी वित्तीय लाभ देने का आदेश
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-दो वर्ष के सेवा विस्तार लाभ से वंचित करने को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिव्यांग कर्मचारियों के लिए दो वर्ष के सेवा विस्तार की नीति के बावजूद कर्मचारियों में भेदभाव व पिक एंड चूज नीति अपनाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किए गए याचिकाकर्ता को फिर से सेवा में लेने और बीच की अवधि के सभी लाभ जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही याचिका पर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।


अंबाला निवासी मनोज घई ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि नियम अनुसार दिव्यांग कर्मचारियों को दो साल की सेवा विस्तार देने का प्रावधान है। नियमों के अनुसार यदि कोई कर्मचारी 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग है तो उसे दो साल का सेवा विस्तार मिलता है। केंद्र के नियमों के खिलाफ सरकार ने दिव्यांगता की लिमिट 70 प्रतिशत की थी और इससे अधिक दिव्यांग होने की स्थिति में ही सेवा विस्तार का निर्णय लिया था। सरकार के इस नियम को हाईकोर्ट खारिज कर चुका है। तब हाईकोर्ट ने ऐसे सभी कर्मियों को दोबारा सेवा में लेकर सभी लाभ जारी करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद भी सरकार द्वारा गंभीरता से काम न करने पर हाईकोर्ट ने आदेश कहा था कि उम्मीद करते हैं कि राज्य के अधिकारी कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे, ऐसा न होने पर कोर्ट के पास इसके खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा। संबंधित व्यक्तियों का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया जा सकता है। ऐसे में हरियाणा में भी 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांग कर्मचारी दो वर्ष के सेवा विस्तार के हकदार हैं। याची ने बताया कि आदेश के बावजूद 58 वर्ष की आयु में 30 सितंबर 2023 को रिटायर कर दिया गया। हाईकोर्ट ने सरकार को याचिकाकर्ता को दोबारा सेवा मेंं लेने, रिटायरमेंट की तिथि से दो वर्ष तक सेवा विस्तार का लाभ देने का आदेश दिया है।
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