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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court raised questions on validity of Devinder Pal Singh Bhullar petition

Punjab: दविंदर भुल्लर की याचिका पर HC ने दागा सवाल, जब धमाका और सजा दिल्ली में हुई तो याचिका यहां कैसे वैध?

Thu, 14 Dec 2023 07:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 Dec 2023 07:20 PM IST
सार

याची ने बताया कि वह पिछले 27 साल से जेल में है और दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार प्री मिच्योर रिलीज के लिए बिना किसी छूट के 14 वर्ष जेल में रहना अनिवार्य है और छूट के साथ 20 वर्ष जेल में रहना जरूरी है। याची ने कहा कि वह तो इस तय अवधि से कहीं अधिक समय से जेल में मौजूद है लेकिन उसे रिहा नहीं किया जा रहा है।

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High Court raised questions on validity of Devinder Pal Singh Bhullar petition
दविंदर पाल भुल्लर। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1993 में दिल्ली बम धमाके के दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर द्वारा समय पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब धमाका और सजा दिल्ली में हुई है तो पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में यह याचिका कैसे वैध है। इस याचिका पर इससे पहले दिल्ली सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार पर आपत्ति जताई थी।

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दविंदर पाल सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसे 1993 में दिल्ली में हुए बम धमाके के लिए वर्ष 2011 में दिल्ली की अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2014 में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में देरी, स्वास्थ्य कारणों के चलते, सिख संगठनों व एसजीपीसी के प्रयासों के बाद याची की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया था। 
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भुल्लर पहले तिहाड़ जेल में बंद था लेकिन स्वास्थ्य कारणों से एक विशेष व्यवस्था के तहत उसे 2015 में ही पंजाब की अमृतसर जेल में भेज दिया गया था। इसके बाद याची ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली। याची ने बताया कि वह पिछले 27 साल से जेल में है और दिल्ली जेल मैनुअल के अनुसार प्री मिच्योर रिलीज के लिए बिना किसी छूट के 14 वर्ष जेल में रहना अनिवार्य है और छूट के साथ 20 वर्ष जेल में रहना जरूरी है। 

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याची ने कहा कि वह तो इस तय अवधि से कहीं अधिक समय से जेल में मौजूद है लेकिन उसे रिहा नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही उसने दया याचिका दाखिल की थी लेकिन इस याचिका पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। याची ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अपील की है कि उसे हिरासत से छुड़ाने के लिए उचित आदेश जारी करें क्योंकि वह नियमों के तहत प्री मिच्योर रिलीज का हकदार है।

याची ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 सितंबर, 2019 को दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में भुल्लर सहित आजीवन कारावास का सामना कर रहे आठ सिख कैदियों को श्री गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष छूट देने के अपने फैसले की जानकारी दी थी। केंद्र ने दिल्ली के मुख्य सचिव को भुल्लर की रिहाई के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था लेकिन दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड ने तिहाड़ जेल से दविंदर पाल सिंह भुल्लर की समयपूर्व रिहाई पर कोई निर्णय नहीं लिया। जिसके चलते उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्री-मैच्योर रिहाई की गुहार लगाई है।

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