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Haryana News: प्रीतपाल की मेडिकल रिपोर्ट से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं, मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश
Wed, 28 Feb 2024 10:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 28 Feb 2024 10:05 PM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने किसान प्रीतपाल मामले में पीजीआई रोहतक की मेडिकल रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताई है। प्रीतपाल सिंह के पिता दविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने हरियाणा पुलिस पर प्रीतपाल सिंह को अवैध तरीके से गिरफ्तार करने, तय समय में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश न करने और उचित इलाज मुहैया न करवाने का आरोप लगाया था।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खनौरी बॉर्डर से युवा किसान प्रीतपाल सिंह को हरियाणा पुलिस की ओर से अवैध तरीके से गिरफ्तार करने, तय समय में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश न करने और उचित इलाज मुहैया न करवाने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पीजीआई रोहतक की मेडिकल रिपोर्ट से हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जताई है। हाईकोर्ट ने अब पीजीआई चंडीगढ़ व रोहतक को मेडिकल बोर्ड गठित कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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प्रीतपाल सिंह के पिता संगरूर निवासी दविंदर सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उनका बेटा किसानों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा था। हरियाणा पुलिस ने 21 फरवरी को दोपहर दो बजे खनौरी बॉर्डर से पंजाब के क्षेत्र में प्रवेश करके उसे घायल कर दिया था।
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बीते सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करते हुए बताया था गया कि बैरिकेडिंग हरियाणा की सीमा में पंजाब की सीमा से 599 मीटर पहले की गई है। ऐसे में प्रदर्शनकारी हरियाणा के क्षेत्राधिकार में मौजूद थे। 21 फरवरी को आंदोलनकारियों ने पुलिस पर हमला किया और झड़प में कई पुलिसवाले घायल हो गए थे। उस दौरान पुलिस बल को प्रीतपाल खेतों में घायल मिला था और उसे इलाज के लिए नरवाना के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
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सरकार ने कहा था कि प्रीतपाल पर न तो कोई एफआईआर है और न ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया है। हाईकोर्ट ने पीजीआई रोहतक को प्रीतपाल की मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
बुधवार को सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई जिस पर हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जता दी। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रीतपाल की चोटों को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट जरूरी है और ऐसे में पीजीआई चंडीगढ़ व रोहतक मेडिकल बोर्ड गठित कर स्पष्ट रिपोर्ट सौंपे ताकि न्यायालय किसी निष्कर्ष पर पहुंच सके।