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Punjab: हाईकोर्ट में सरकार बोली- लॉटरी से लगातार घट रहा था मुनाफा, इसलिए निजी हाथों में सौंपने का लिया फैसला
Mon, 18 Dec 2023 10:17 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 18 Dec 2023 10:17 PM IST
सार
पंजाब सरकार ने बताया कि 2007 से ही लगातार राज्य का मुनाफा लॉटरी से कम होता जा रहा था। गत वर्ष तो यह घटकर केवल 10 करोड़ ही रह गया था। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि इसे निजी हाथों में सौंप दिया जाए। इसके लिए टेंडर जारी किया गया और सरकार को 45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में लॉटरी की बिक्री आदि का काम केवल एक ही कंपनी को सौंपने के मामले में पंजाब सरकार ने आंकड़े सौंपते हुए बताया कि 2007 से लगातार मुनाफा घटता जा रहा था जो गत वर्ष केवल 10 करोड़ रुपये रह गया। इस वजह से लॉटरी को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य को 45 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
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याचिका दाखिल करते हुए मोहाली की समाज सुधार सोसायटी ने एडवोकेट विवेक के ठाकुर के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार लॉटरी के राजस्व से बहुत अधिक मुनाफे में थी। बावजूद इसके यह काम एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया। एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए बताया गया कि 2007-08 में राज्य सरकार को लॉटरी से 165 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था फिर भी इस बार लॉटरी का पूरे प्रदेश में टेंडर केवल 45 करोड़ रुपये में दे दिया गया।
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याचिका पर जवाब देते हुए पंजाब सरकार ने बताया कि 2007 से ही लगातार राज्य का मुनाफा लॉटरी से कम होता जा रहा था। गत वर्ष तो यह घटकर केवल 10 करोड़ ही रह गया था। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि इसे निजी हाथों में सौंप दिया जाए। इसके लिए टेंडर जारी किया गया और सरकार को 45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि सरकार को इस मामले में राजस्व का नुकसान हुआ है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया और पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि याची के सौंपे गए मांगपत्र पर निर्णय लिया जाए।
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