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रामबाग को संरक्षित स्मारकों की सूची से किया बाहर, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:54 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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महाराजा रणजीत सिंह के शासन काल में अमृतसर में बने रामबाग को संरक्षित स्मारकों की सूची से बाहर करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि दो बार आदेश जारी करने के बाद भी पंजाब सरकार और एएसआई ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
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कोर्ट ने अगली सुनवाई पर इसे संरक्षित समारकों की सूची में शामिल करने पर अंतिम निर्णय लेकर कोर्ट को सूचित करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो एएसआई के डिप्टी डायरेक्टर मॉन्यूमेंट को खुद हाजिर होकर जवाब देना होगा। रामबाग पैलेस का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने वर्ष 1818 में करवाया था।
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इसे उनके समर पैलेस के नाम भी जाना जाता रहा है। 728 कनाल 3 मरला जमीन को संरक्षित स्मारक घोषित किया था। वर्ष 2003 में केंद्र सरकार ने यहां बने पैनोरमा के 40 कनाल जगह को छोड़कर 678 कनाल 12 मरला जमीन को संरक्षित एरिया घोषित करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दी थी। याचिकाकर्ता संस्था की ओर से दलील दी जा चुकी है की जब एक बार स्मारक को संरक्षित स्मारक घोषित कर नोटिफाई किया जा चुका है तो उसे किस आधार पर अब इसे डी-नोटिफाई किया जा सकता है। भारत सरकार ने जिस स्मारक को नोटिफाई किया है उसे निगम प्रस्ताव पास कर कैसे डी-नोटिफाई कर सकता है।
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