{"_id":"4186d5873b08ba4a5480c4c80761e397","slug":"heirless-animals-chandigarh-nagar-nigam-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":" पालतू पशु रखने वालों के लिए निराशाजनक खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालतू पशु रखने वालों के लिए निराशाजनक खबर
अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 12 Dec 2013 05:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने शहर को कैटल फ्री बनाने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत जहां लावारिस पशुओं को अब फेज-1 इंडस्ट्रियल एरिया में बनाई गौशाला में रखा जा रहा है।
वहीं, पालतू पशुओं को शहर से बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने का तैयारी की गई है। इसके लिए जल्दी ही पशु मालिकों का सर्वे किया जाएगा।
बाद में पशु मालिकों को शहर से बाहर प्लॉट अलॉट कर दिए जाएंगे। इसके बाद पशुओं की समस्या शहर में सदा के लिए खत्म हो जाएगी।
यह हिदायत डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू एवं निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने बुधवार को फेज-1 में गौशाला का दौरा करने के बात स्टाफ को दी। इस दौरान उन्होंने गौशाला में रखे पशुओं का जायजा लिया।
साथ ही पशुओं को दिए जा रहे चारे समेत अन्य सुविधाओं को भी देखा। वहीं, गौशाला को संभाल रही एनजीओ के मेंबरों से भी बातचीत की।
उन्होंने संस्था के मेंबरों को हिदायत दी है कि अधिक से अधिक पशुओं को शहर से काबू किया जाए। ताकि लावारिस पशुओं की समस्या सदा के लिए दूर हो जाए।
इस दौरान निगम कमिश्नर ने बताया कि अब नगर निगम ने आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी भी एनजीओ को ही सौंप दी। जिससे निगम के मुलाजिमों पर होने वाले हमले भी रुकेंगे।
विज्ञापन
गौशाला का औपचारिक उद्घाटन जल्दी
वैसे गौशाला का काम एनजीओ ने संभाल लिया है। लेकिन गौशाला का औपचारिक उद्घाटन जल्दी ही नगर निगम अधिकारी करवाने की तैयारी में है।
इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुलाजिमों को गौशाला में रहते सिविल वर्क्स को जल्दी पूरा करने के लिए कहा गया है।
गौशाला का दूसरा हिस्सा व सड़क बनना शुरू
गौशाला का दूसरा हिस्सा बनना भी शुरू हो गया। इस पर लाखों रुपये की लागत से काम होगा। इसमें 500 के करीब पशु रखने की सुविधा रहेगी।
वहीं, गौशाला तक आने के लिए सीधी सड़क बनाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू हो गई। इसके अलावा चारा काटने के लिए गौशाला में जल्दी ही टोका स्थापित किया जाएगा।
पशु खुले न छोड़ने के लिए होगी मुनादी
नगर निगम ने शहर व साथ लगते गांवों में पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने के लिए मुनादी करवाने का फैसला लिया है। निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि एक बार जो पशु नगर निगम द्वारा पकड़ा जाएगा।
उसे तीन हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ जाएगा। वहीं, पशु मालिक से एक एफिडेबिट भी लिया जाएगा कि वह दोबारा पशु खुले में नहीं छोड़ेगा।
इसके बाद यदि पशु दोबारा नगर निगम द्वारा पकड़ा जाता है। तो पशु मालिकों को पशु नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, पालतू पशुओं को शहर से बाहरी इलाकों में शिफ्ट करने का तैयारी की गई है। इसके लिए जल्दी ही पशु मालिकों का सर्वे किया जाएगा।
बाद में पशु मालिकों को शहर से बाहर प्लॉट अलॉट कर दिए जाएंगे। इसके बाद पशुओं की समस्या शहर में सदा के लिए खत्म हो जाएगी।
यह हिदायत डीसी तजिंदर पाल सिंह सिद्धू एवं निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने बुधवार को फेज-1 में गौशाला का दौरा करने के बात स्टाफ को दी। इस दौरान उन्होंने गौशाला में रखे पशुओं का जायजा लिया।
विज्ञापन
साथ ही पशुओं को दिए जा रहे चारे समेत अन्य सुविधाओं को भी देखा। वहीं, गौशाला को संभाल रही एनजीओ के मेंबरों से भी बातचीत की।
उन्होंने संस्था के मेंबरों को हिदायत दी है कि अधिक से अधिक पशुओं को शहर से काबू किया जाए। ताकि लावारिस पशुओं की समस्या सदा के लिए दूर हो जाए।
इस दौरान निगम कमिश्नर ने बताया कि अब नगर निगम ने आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी भी एनजीओ को ही सौंप दी। जिससे निगम के मुलाजिमों पर होने वाले हमले भी रुकेंगे।
विज्ञापन
गौशाला का औपचारिक उद्घाटन जल्दी
वैसे गौशाला का काम एनजीओ ने संभाल लिया है। लेकिन गौशाला का औपचारिक उद्घाटन जल्दी ही नगर निगम अधिकारी करवाने की तैयारी में है।
इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुलाजिमों को गौशाला में रहते सिविल वर्क्स को जल्दी पूरा करने के लिए कहा गया है।
गौशाला का दूसरा हिस्सा व सड़क बनना शुरू
गौशाला का दूसरा हिस्सा बनना भी शुरू हो गया। इस पर लाखों रुपये की लागत से काम होगा। इसमें 500 के करीब पशु रखने की सुविधा रहेगी।
वहीं, गौशाला तक आने के लिए सीधी सड़क बनाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू हो गई। इसके अलावा चारा काटने के लिए गौशाला में जल्दी ही टोका स्थापित किया जाएगा।
पशु खुले न छोड़ने के लिए होगी मुनादी
नगर निगम ने शहर व साथ लगते गांवों में पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने के लिए मुनादी करवाने का फैसला लिया है। निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि एक बार जो पशु नगर निगम द्वारा पकड़ा जाएगा।
उसे तीन हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ जाएगा। वहीं, पशु मालिक से एक एफिडेबिट भी लिया जाएगा कि वह दोबारा पशु खुले में नहीं छोड़ेगा।
इसके बाद यदि पशु दोबारा नगर निगम द्वारा पकड़ा जाता है। तो पशु मालिकों को पशु नहीं दिया जाएगा।