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भारी भरकम स्कूली बैग बढ़ा रहे बच्चों-अभिभावकों की टेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 31 Mar 2016 10:09 AM IST
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भारी स्कूल बैग
- फोटो : amar ujala
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बोर्ड कक्षाओं को छोड़ दूसरी कक्षाओं का रिजल्ट शहर के प्राइवेट स्कूलों ने घोषित कर दिया है। आगामी एक अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू होने जा रहा है। नई क्लास में जाने वाले बच्चों के लिए अभिभावक बुक शॉप पर लंबी लाइनों में लगकर किताबें, कापियां खरीद रहे हैं।
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किताबों के बंडल को उठाने में मम्मी- पापा के पसीने छूट जा रहे हैं। उन्हीं किताबों से भरे बैग को बच्चों सारा साल घर से स्कूल और स्कूल से घर तक ढोेना पड़ेगा। प्राइवेट स्कूलों के पांचवीं से आठवीं क्लास के बैगका औसत भार 5 से 7 किलो के बीच है। जबकि प्राइमरी कक्षाओं का बैग भी 4 से 6 किलो के बीच है। जबकि सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों का बोझ 2 किलो से अधिक नहीं होता। भारी भरकम स्कूली बस्ते का बोझ बच्चों के शारीरिक विकास में भी बाधा बन रहा है।
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हाल ही में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें बंद कर सिर्फ एनसीईआरटी किताबें पढ़ाई जाएं। लेकिन प्राइवेट स्कूल इस आदेश क ो मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं।
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कॉन्वेंट स्कूलों में एनसीईआरटी लागू
शहर के चार प्रमुख कॉन्वेंट स्कूलों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर अमल करते हुए सिलेबस में अधिकतर एनसीईआरटी किताबें लागू करने का फैसला लिया है। एक बुक शॉप विक्रेता ने बताया कि कॉन्वेंट स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की सिर्फ वहीं किताबें लगाई गई हैं जो कि एनसीईआरटी द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जाती।
एनसीईआरटी किताबें लगने के बावजूद सेंट जोन स्कूल का 7वीं सेट 3079, 8वीं सेट 3509 रुपये में मिल रहा है। सेक्रेड हार्ट स्कूल का नौवीं का सेट 4459 और दसवीं का सेट 4415 रुपये में मिल रहा है। कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 8वीं क्लास का सेट 3400, 9वीं का 4892 और दसवीं का 3989 रुपये में मिल रहा है। सेंट ऐंस स्कूल में छठी क्लास की पूरी किट 4838 रुपये में मिल रही है। उधर, शहर के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं क्लास तक सभी एनसीईआरटी किताबें बच्चों को निशुल्क दी जाती हैं ।
एनसीईआरटी और प्राइवेट पब्लिशर्स की पुस्तकों के रेट में बड़ा फर्क
एनसीईआरटी और प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों के रेट में काफी अंतर है। 8वीं क्लास एनसीईआरटी गणित, हिस्ट्री, ज्योग्राफी की किताबों की कीमत 70 रुपये है। जबकि इसी क्लास में प्राइवेट पब्लिशर्स की साइंस लैब मैनुअल की कीमत 220 और ज्योग्राफी वर्कबुक की कीमत 70 रुपये है। प्राइवेट पब्लिशर्स की 8वीं इंग्लिश ग्रामर एंड कंपोजिशन कीमत 340 रुपये है। 9वीं हिंदी व्याकरण की 350 रुपये और कंप्यूटर बुक 399 रुपये की है।
अभिभावकों को लेना पड़ रहा पूरा बंडल
कोर्ट के निर्देशों के तहत कोई भी स्कूल अभिभावकों को एक ही बुक शॉप से किताबें और ड्रेस के लिए बाध्य नहीं कर सकता। लेकिन शहर के कुछ प्रतिष्ठित बुक शॉप में अभिभावकों को पूरा बंडल लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस मामले में शिक्षा विभाग के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार ऐसे पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ सेक्टर-19 स्थित डीईओ दफ्तर में शिकायत की जा सकती है।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन यूटी ने बताया कि शिक्षा विभाग के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं क्लास तक पूरी तरह एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई हैं। विभाग सभी स्टूडेंट को किताबें निशुल्क उपलब्ध कराता है। सरकारी स्कूलों के बच्चों का बैग बेवजह नहीं बढ़ाया जाता।