नशा तस्करी मामला: बिक्रम मजीठिया को बड़ा झटका, अदालत ने जमानत याचिका खारिज की, हाईकोर्ट का करेंगे रुख
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ बीती 20 दिसंबर को ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मोहाली स्टेट क्राइम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गए थे। मजीठिया ने जमानत के लिए पहले मोहाली की अदालत में याचिका दायर की, लेकिन याचिका रद्द हो गई।
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करोड़ों रुपये की ड्रग्स तस्करी के मामले में फंसे शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की नियमित जमानत याचिका शुक्रवार को जिला अदालत ने खारिज कर दी। मजीठिया के वकीलों ने बताया कि अब वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। सोमवार को जमानत याचिका दायर करेंगे। गुरुवार को करीब दो घंटे तक चली बहस के दौरान वकीलों ने अदालत में दलील दी कि बिक्रम मजीठिया के खिलाफ दायर किया गया केस राजनीति से प्रेरित है।
यह केस केवल कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू की जिद्द पूरी करने के लिए किया गया है। केवल जगदीश भोला के मीडिया में दिए गए बयान को आधार बनाकर मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया है। विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान सरकारी वकीलों ने जमानत याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला शाम तक के लिए सुरक्षित रखा और शाम करीब छह बजे शिअद नेता बिक्रम मजीठिया की ओर से लगाई गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
इससे पहले गुरुवार को मजीठिया ने मोहाली अदालत में आत्मसमर्पण किया था। पंजाब पुलिस ने अदालत में मजीठिया से सवा घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उनका रिमांड नहीं मांगा। इसके बाद अदालत ने उन्हें 8 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, उनके वकीलों ने तुरंत नियमित जमानत के लिए याचिका अदालत में दायर कर दी थी।
20 दिसंबर को दर्ज हुआ था केस
मजीठिया के खिलाफ बीती 20 दिसंबर को ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने मोहाली स्टेट क्राइम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गए थे। मजीठिया ने जमानत के लिए पहले मोहाली की अदालत में याचिका दायर की, लेकिन याचिका रद्द हो गई। इसके बाद मजीठिया ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने बीती 24 जनवरी को मजीठिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मजीठिया सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए और इसके बाद अदालत ने विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें आत्मसर्मपण के आदेश दिए थे।