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इस वजह से फिर टली समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस की सुनवाई, 18 मार्च को फिर होगी

Thu, 14 Mar 2019 09:05 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 14 Mar 2019 09:05 PM IST
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Hearing of samjhauta express blast case adjourned
समझौता एक्सप्रेस ट्रेन ब्लास्ट - फोटो : File Photo

पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई नहीं होने के बाद भी मामले के मुख्य आरोपी असीमानंद, लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी और कमल चौहान पेश हुए। कोर्ट में बार काउंसिल की स्ट्राइक के बाद मामले की सुनवाई नहीं हुई। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है। 

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बीती 11 मार्च को सुनवाई के दौरान समझौता ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट में फैसला टल गया था। पाकिस्तान की एक महिला वकील राहिला ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसके पिता की समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में मौत हो गई थी। सभी पाक चश्मदीद गवाह एनआईए कोर्ट में पेश होना चाहते हैं। इसके बाद बचाव पक्ष और एनआईए से जवाब मांगा था। आज बचाव पक्ष को जवाब दाखिल करना था। गुरुवार को बार काउंसिल की स्ट्राइक होने के कारण कोई जवाब दाखिल नहीं किया जा सका है। अब मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।

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एनआईए कोर्ट ने पाकिस्तानी दूतावास के जरिए गवाहों को गवाही देने के लिए छह बार समन भेजे थे। इसके बाद भी कोई गवाही देने नहीं आया था। बहस खत्म होने के बाद पाकिस्तान की महिला राहिला ने वकील मोमिन मलिक को मेल भेजकर बताया कि समझौता ब्लास्ट मामले में वह अपने बयान दर्ज करवाना चाहती है। 

इसके अलावा इसमें राणा मोहम्मद शौकत और मोहम्मद शमीमउल्लाह भी गवाह हैं। अपनी अर्जी में राहिला ने कोर्ट में दलील दी थी कि समझौता ब्लास्ट मामले में जो भी पाकिस्तान के गवाह हैं, उन्हें समन देकर बुलाया नहीं गया है। इस मामले से जुड़ी स्टेटमेंट रिकार्ड कराने के लिए उन्होंने अर्जी दी है। अब राहिला की गवाही की अर्जी पर सुनवाई 18 मार्च को होगी। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष की ओर से जवाब मिलने के बाद वह इस मामले में अपने फैक्ट रखेंगे और सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद इस गवाही की अर्जी का फैसला कोर्ट सनाएगी। 

भारत की जेलों में कर चुके हैं राहिला के पिता की तलाश 
पाकिस्तानी नागरिक राहिला के वकील ने बताया कि वे पिछले 10 साल से उनके वकील हैं। राहिला को शक था कि कहीं उनके पिता जिंदा तो नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने 2010 से राहिला के पिता की हरियाणा, पंजाब, दिल्ली समेत देश की 90 जेलों में तलाश की। इनके रिप्लाई भी उनके पास मौजूद हैं। 

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