फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   health year ender 2016 chandigarh, many achievements and many uncompleted dreams

अलविदा 2016: मोदी का योग छाया, चिकनगुनिया ने नचाया, अधूरे रहे सपने

Sun, 25 Dec 2016 12:25 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 25 Dec 2016 12:25 PM IST
विज्ञापन
health year ender 2016 chandigarh, many achievements and many uncompleted dreams
international yoga day
वर्ष 2016 स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए काफी अहम रहा। कई प्रोजेक्ट शुरू हुए तो कई की नींव रखी गई। कुछ सपने पूरे हुए तो कुछ अधूरे रहे। जो प्रोजेक्ट शुरू हुए, उनसे मरीजों को काफी लाभ पहुंचा। कई प्रोजेक्ट इस वर्ष पूरे होने थे, लेकिन कई खामियों और लापरवाही की वजह से वे पूरे नहीं हो पाए। कई बीमारियों ने इस बार शहरवासियों को परेशानी में डाल दिया। वहीं पीजीआई में कई विवाद छाए रहे। एक नजर डालते हैं हेल्थ से संबंधित सात सबसे चर्चित खबर पर।
विज्ञापन


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
चंडीगढ़ में इस वर्ष सबसे बड़ा आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 हजार 500 लोगों के साथ कैपिटल कांप्लेक्स में योग किया। इससे चंडीगढ़ और कैपिटल कांप्लेक्स का अंतरराष्ट्रीय महत्व बढ़ा। योग की तैयारियों को लेकर शहरवासियों में काफी उत्साह रहा। एक महीने तक योग क्लासेज का आयोजन किया गया। योग के सफल आयोजन में चंडीगढ़ प्रशासन को काफी तारीफें भी मिलीं।
विज्ञापन


अमृत फार्मेसी की शुरुआत हुई
पीजीआई व जीएमसीएच-32 में अमृत फार्मेसी की शुरुआत की गई है। इससे मरीजों को 50 से 70 प्रतिशत सस्ती दवाएं मिलीं। पीजीआई के नेहरू हास्पिटल, एडवांस कॉर्डियक सेंटर, एडवांस आई सेंटर में फार्मेसी की शुरुआत की गई। जीएमसीएच-32 में भी अमृत फार्मेसी का एक आउटलेट खोला गया है। बताया जा रहा है कि पीजीआई में कुछ और भी अमृत आउटलेट खोले जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकनगुनिया ने पहली बार मारी एंट्री

health year ender 2016 chandigarh, many achievements and many uncompleted dreams
चिकनगुनिया - फोटो : File Photo
इस वर्ष शहरवासियों को सबसे ज्यादा परेशान चिकनगुनिया ने किया। पहली बार एंट्री मारी और पहली बार में ही 300 से ज्यादा मरीजों को शिकार बनाया। पहले बुखार ने उन्हें तोड़ा, फिर दर्द ने उन्हें काफी परेशान किया। डेंगू के 800 से ज्यादा मरीज आए। वायरल से भी काफी हाहाकार मचा। जीएमएसएच-16 को अतिरिक्त फीवर क्लीनिक खोलना पड़ा।

पीजीआई को कायाकल्प अवार्ड
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू किया गया कायाकल्प अवार्ड पीजीआई के खाते में गया। यह अवार्ड उस हास्पिटल को दिया जाता है, जो साफ-सफाई और इंफेक्शन कंट्रोल के पैमाने को पूरा करता हो। अवार्ड जीतने पर पीजीआई को इनाम के तौर पर 5 करोड़ रुपये की राशि दी गई। अवार्ड की दौड़ में देश के कई डिस्ट्रिक हास्पिटल और सेंट्रल हास्पिटल शामिल थे।
 
चंडीगढ़ को मिली मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब
उत्तर भारत की सबसे पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब चंडीगढ़ को मिली। यह वैन सेक्टरों में घूम-घूमकर फूड प्रोडक्ट को चेक करती है। कोई भी व्यक्ति अपने प्रोडक्ट लेकर वैन में चेक करा सकता है। इसके लिए मात्र 30 रुपये लिए जाते हैं। इस वैन के जरिए दूध के 400 से ज्यादा सैंपल चेक किए गए। इनमें से मात्र एक सैंपल फेल पाया गया था। इससे चंडीगढ़ में दूध की शुद्धता भी जांची गई।

 

जूनियर डाक्टर रहे हड़ताल पर

health year ender 2016 chandigarh, many achievements and many uncompleted dreams
doctor shimla
मरीज से झगड़ा होने के बाद पीजीआई के जूनियर डाक्टर 52 घंटे हड़ताल पर रहे जिससे तीन दिन तक मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डाक्टरों ने कई मांगे पीजीआई प्रशासन के सामने रखी, लेकिन प्रशासन मानने को तैयार नहीं था।

लगातार डाक्टरों के हड़ताल पर रहने से पीजीआई प्रशासन पर दबाव बना और उन्होंने जूनियर डाक्टरों की मांगे मान ली। उसके बाद हड़ताल वापस ली गई। इससे ठीक एक महीने पहले भी जूनियर डाक्टर 12 घंटे तक हड़ताल पर रहे थे।

डायरेक्टर की नियुक्ति का विवाद छाया रहा
पीजीआई डायरेक्टर वाइके चावला के रिटायर होने के बाद नए डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए काफी विवाद रहे। 29 वरिष्ठ डाक्टरों ने आवेदन किया। इनमें से तीन फाइनलिस्ट डॉ. अनिल भंसाली, डॉ. जगतराम और डॉ. मीनू का चयन किया गया, लेकिन पीजीआई की एससी-एसटी एसोसिएशन इसे अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय आयोग के पास ले गई।

आरोप लगाया गया कि डॉ. जगतराम के साथ भेदभाव किया गया है। इसके अलावा डॉ. मीनू सिंह पर भी रिसर्च डाटा कॉपी करने का आरोप लगा। पिछले तीन महीने से नियुक्ति पर कई विवाद उठ रहे हैं।

सपने जो नहीं हो पाए पूरे

health year ender 2016 chandigarh, many achievements and many uncompleted dreams
पीजीआई में सुविधा
पीजीआई नहीं बना पाया फार्मेसी
अमृत फार्मेसी खुलने के बावजूद पीजीआई का प्लान अपना फार्मेसी खोलने का भी है। डेढ़ साल से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 50 करोड़ रुपये की ग्रांट भी मंजूर हो चुकी है, लेकिन काम की रफ्तार काफी धीमी है। अधिकारियों ने बताया था कि वर्ष 2016 दिसंबर तक फार्मेसी बनकर तैयार हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

250 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण अधूरा
पीजीआई का 250 बेड का हॉस्पिटल सफेद हाथी बनकर रह गया है। पिछले एक साल से बिल्डिंग बनकर तैयार है। पूर्व डायरेक्टर वाइके चावला ने बताया कि बिल्डिंग के निर्माण के वक्त ही कुछ तकनीकी खामियां रह गई थी। कमी को दूर करना आसान नहीं है। इस वजह से हॉस्पिटल का निर्माण लटका है। इसके बनने से पीजीआई में बेड की समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती है।

भीड़ से छुटकारा नहीं
शहर के तीनों हॉस्पिटल में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। मरीजों की सुविधाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट जैसी कई सुविधा शुरू की गई, लेकिन इससे मरीजों को ज्यादा सहूलियत नहीं मिल पाई। अब भी उसे इलाज के लिए चार से पांच घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।

वर्ष 2016 में हेल्थ सेक्टर में कई उपलब्धियां रहीं हैं। इसमें मोबाइल फूड लैब, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 63 डाक्टरों की नियुक्ति, आईसीयू की मंजूरी सहित अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं। वर्ष 2017 तक कई प्रोजेक्ट भी बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे मरीजों को और सुविधाएं मिलेंगी।
- अनुराग अग्रवाल, हेल्थ सेक्रेटरी, चंडीगढ़ प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed