हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम : 'डॉक्टरों को आनी चाहिए मैनेजर की स्किल्स'
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पीजीआई में आयोजित पांच दिवसीय इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की डायरेक्टर जनरल डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने किया।
इस मौके पर 15 प्रदेशों से आए डॉक्टरों और प्रोग्राम अफसरों को संबोधित करते हुए डॉ. सौम्या ने कहा कि काम भले ही छोटा हो, लेकिन सोच बड़ी होनी चाहिए। जो मौका मिले उसे जरूर भुनाने की कोशिश करनी चाहिए।
यदि सफल नहीं हुए तब भी हार नहीं माननी चाहिए। अपने गोल तक जरूर पहुंचना चाहिए। पंजाब सरकार की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन ने कहा कि डॉक्टर क्लीनिकल के क्षेत्र में बेहतरीन काम करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट के क्षेत्र में काफी पीछे होते हैं।
डॉक्टरों को भी मैनेजर की स्किल्स आनी चाहिए। इस तरह से महिलाएं धीरे-धीरे गृहणी के कामकाज को सीखती हैं, उसी तरह धीरे-धीरे मैनेजमेंट का अनुभव आता है।
रोजमर्रा के अनुभव से सीखा जाता मैनेजमेंट
मैनेजमेंट का काम रोजमर्रा के अनुभव से सीखा जाता है। डॉक्टरों को प्रोग्राम मैनेजमेंट के साथ क्राइसिस मैनेजमेंट भी आना चाहिए। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को संस्थान और उसमें काम करने वाले हर व्यक्ति के बिहैवियर का एनालिसिस भी करना आना चाहिए।
इस दौरान डॉक्टरों को बताया गया कि वे किसी भी प्रोग्राम की प्लानिंग कैसे करें, उस प्रोग्राम को लागू कैसे करे, को-आर्डिनेशन के काम को कैसे संभाला जाए, अपने प्रोग्रामों को सरकार के सामने कैसे पेश करें।
इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पांच दिवसीय कोर्स का आयोजन पीजीआई की ओर से किया जा रहा है। इसमें 15 राज्यों के 32 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
प्रोग्राम डायरेक्टर व स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल ने कहा कि सरकारी संस्थान में यह पहला कोर्स है। हर साल दो कोर्स आयोजित किए जाते हैं। इस बार 130 आवेदन आए थे, जिसमें से 32 का चुनाव किया गया। अगला कोर्स फरवरी में शुरू हो जा रहा है। इसमें अफ्रीका के लोग शामिल हो रहे हैं।