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स्वास्थ्य विभाग ने कम किया शुल्क, अब 1885 रुपये में होगी एमआरआई
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चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत सस्ती दर पर एमआरआई की सुविधा मुहैया कराने की योजना तैयार की है। इसमें जीएमएसएच-16 में मौजूदा समय में 2900 रुपये में की जाने वाली एमआरआई 1885 रुपये में होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए नया टेंडर भी कर लिया है। कुछ दिनों में सस्ते दर पर जांच की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि पीजीआई में सरकारी दर पर जांच के लिए मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। वहीं निजी जांच सेंटरों में चार से पांच हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। जरूरतमंद मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने या बदलाव किया है।
जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि 2020-21 के टेंडर के अनुसार कंपनी मरीजों से प्रति जांच के लिए 2900 रुपये शुल्क ले रही थी। लेकिन अब विभाग को उससे कम दर पर नया टेंडर मिल गया है, जो मरीजों को पहले वाले टेंडर से 35 प्रतिशत कम शुल्क पर जांच की सुविधा मुहैया कराएगी। योजना के तहत नई कंपनी मशीन इंस्टॉल करने के बाद जल्द ही जांच की सुविधा शुरू कर देगी। फिलहाल तब तक तक पुराने टेंडर वाली कंपनी ही काम करेगी जिससे मरीजों को जांच के लिए परेशान ना होना पड़े।
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जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि 2020-21 के टेंडर के अनुसार कंपनी मरीजों से प्रति जांच के लिए 2900 रुपये शुल्क ले रही थी। लेकिन अब विभाग को उससे कम दर पर नया टेंडर मिल गया है, जो मरीजों को पहले वाले टेंडर से 35 प्रतिशत कम शुल्क पर जांच की सुविधा मुहैया कराएगी। योजना के तहत नई कंपनी मशीन इंस्टॉल करने के बाद जल्द ही जांच की सुविधा शुरू कर देगी। फिलहाल तब तक तक पुराने टेंडर वाली कंपनी ही काम करेगी जिससे मरीजों को जांच के लिए परेशान ना होना पड़े।
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