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सेक्टर-11 मार्केट प्रधान के शोरूम का रिज्यूम
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 26 Dec 2013 09:06 AM IST
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सेक्टर-11 ट्रेडर्स एसोसिएशन प्रधान के शोरूम को हुडा रिज्यूम करेगा। इसका कारण बना अतिक्रमण और हुडा ने कोर्ट में यह केस जीत लिया।
प्रधान एसके गुलाटी के शोरूम को रिज्यूम करने के हाल में ही आदेश हुए हैं, लेकिन हुडा ने अब तक कब्जा नहीं लिया है।
इससे पहले भी तीन शोरूमों को रिज्यूम करने के आदेश जारी हुए थे और राकेश बुद्धिराजा, आरएल मल्होत्रा व हंसराज छाबड़ा का शोरूम रिज्यूम कर लिया गया था।
इन शोरूमों को रिज्यूम करने की वजह इनके पीछे अवैध निर्माण है। इसके चलते हुडा ने कोर्ट में केस किया था। गुलाटी के शोरूम के पीछे अवैध निर्माण है, जहां एक मोटर गैरैज चलता है।
नियमों के मुताबिक, शोरूम के पीछे के एरिया में कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। हुडा के वकील अश्वनी चौधरी के मुताबिक, कई शोरूमों के पीछे अवैध निर्माण है।
1986 में शोरूम हुआ था अलॉट
गुलाटी को वर्ष 1986 में शोरूम अलॉट हुआ था, जबकि पजेशन लेटर 1988 में मिला था। अब उनके शोरूम के पीछे एक मोटर गैरेज चल रहा है। पिछले काफी समय से शोरूम मालिकों और हुडा के बीच तनातनी चल रही है।
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ज्यादातर दुकानदार अपने केस हार चुके हैं। शोरूम मालिकों ने कोर्ट में अपनी अर्जी में कहा था कि हुडा सेक्शन-17 हुडा एक्ट के तहत प्लाट रिज्यूम नहीं किया जा सकता, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
इतना ही नहीं, कोर्ट ने उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें शोरूम मालिकों ने कहा था कि अवैध निर्माण किरायेदारों ने कर रखा है।
कोर्ट ने कहा कि किरायेदार तो अलॉटी के ही हैं और हुडा नियमों को ताक पर रखने वाले किरायेदारों को माफी नहीं दे सकता।
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प्रधान एसके गुलाटी के शोरूम को रिज्यूम करने के हाल में ही आदेश हुए हैं, लेकिन हुडा ने अब तक कब्जा नहीं लिया है।
इससे पहले भी तीन शोरूमों को रिज्यूम करने के आदेश जारी हुए थे और राकेश बुद्धिराजा, आरएल मल्होत्रा व हंसराज छाबड़ा का शोरूम रिज्यूम कर लिया गया था।
इन शोरूमों को रिज्यूम करने की वजह इनके पीछे अवैध निर्माण है। इसके चलते हुडा ने कोर्ट में केस किया था। गुलाटी के शोरूम के पीछे अवैध निर्माण है, जहां एक मोटर गैरैज चलता है।
नियमों के मुताबिक, शोरूम के पीछे के एरिया में कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। हुडा के वकील अश्वनी चौधरी के मुताबिक, कई शोरूमों के पीछे अवैध निर्माण है।
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1986 में शोरूम हुआ था अलॉट
गुलाटी को वर्ष 1986 में शोरूम अलॉट हुआ था, जबकि पजेशन लेटर 1988 में मिला था। अब उनके शोरूम के पीछे एक मोटर गैरेज चल रहा है। पिछले काफी समय से शोरूम मालिकों और हुडा के बीच तनातनी चल रही है।
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ज्यादातर दुकानदार अपने केस हार चुके हैं। शोरूम मालिकों ने कोर्ट में अपनी अर्जी में कहा था कि हुडा सेक्शन-17 हुडा एक्ट के तहत प्लाट रिज्यूम नहीं किया जा सकता, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
इतना ही नहीं, कोर्ट ने उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें शोरूम मालिकों ने कहा था कि अवैध निर्माण किरायेदारों ने कर रखा है।
कोर्ट ने कहा कि किरायेदार तो अलॉटी के ही हैं और हुडा नियमों को ताक पर रखने वाले किरायेदारों को माफी नहीं दे सकता।