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HCS पेपर लीक मामले में महिला आरोपी को भेजा न्यायिक हिरासत में

Mon, 13 Nov 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 13 Nov 2017 09:15 AM IST
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HCS judicial paper leak case, accused woman sent to judicial custody
Haryana Judiciary paper leak case
हरियाणा सिविल सर्विसेज (एचसीएस) जूडिशियल पेपर लीक मामले में आरोपी सुनीता को रविवार को जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पुलिस की इंवेस्टिगेशन टीम ने पेश किया। जिला अदालत ने सुनीता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने और रिमांड की मांग नहीं की।
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इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी ने जिला अदालत में कहा कि सील बंद डाक्यूमेंट जब सुप्रीमकोर्ट से हमें मिलेेंगे तब हमें रिमांड की जरूरत पडे़गी। तब हम महिला का रिमांड लेंगे। कोर्ट ने कहा कि वह इस बारे में एप्लीकेशन देकर रिमांड हासिल कर सकती हैं। अभी डाक्यूमेंट आने में समय लगेगा। पुलिस को दिल्ली सर्च में कोई खास डाक्यूमेंट हाथ नहीं लगा है। 
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जिला अदालत में पेश होने के बाद आरोपी महिला सुनीता ने आरोप लगाया कि पुलिस कस्टडी में उसे मेडिकल सुविधाएं नहीं दी गई हैं। उसे कई बार थर्ड डिग्री टार्चर किया गया है। उसने आरोप लगाया कि उसे करंट भी लगाया गया है और थायराइड की दवा नहीं दी गई।
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सुनीता ने आरोप लगाया कि सेक्टर-16 अस्पताल में मेडिकल के दौरान डॉक्टर केवल शरीर के पहचान के मार्क पूछते हैं। इसके अलावा वह सही तरीके से मेडिकल नहीं करते हैं। अदालत ने सब दलीलों को सुनने के बाद कहा कि महिला का मेडिकल समय पर करवाया जाए। किसी प्रकार की कोताही इलाज में नहीं बरती जाए। अदालत में पेश हुईं थाना प्रभारी पूनम दिलावरी ने बताया कि महिला को दिल्ली ले जाने के बाद उसका मेडिकल समय पर करवाया गया। इसके बाद ही पूछताछ की गई है। पुलिस को छापामारी में कुछ खास रिकार्ड नहीं मिला है।

इससे पहले हरियाणा सिविल सर्विसेज (एचसीएस) जूडिशियल पेपर लीक मामले में यूटी पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने नई दिल्ली में 10 अलग-अलग स्थानों पर छापामारी की है। इस दौरान टीम ने अपने साथ मामले में दिल्ली से गिरफ्तार टॉपर महिला सुनीता को भी साथ रखा था। इसमें टीम को कोई अहम सबूत नहीं मिला है। एसआईटी ने परीक्षा में टॉपर रही दिल्ली निवासी सुनीता को 9 नवंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट में पेश कर उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया था। 

यह है पूरा मामला

HCS judicial paper leak case, accused woman sent to judicial custody
Haryana Judiciary paper leak case
रजिस्ट्रार को किया जा चुका है निलंबित
इस मामले के सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) डा. बलविंदर शर्मा को निलंबित करने का आदेश दिया था। निलंबन के बाद उन्हें रोपड़ हेडक्वार्टर भेज दिया गया। प्रारंभिक पड़ताल में जांच कमेटी ने भी शर्मा को दोषी पाया। डा. बलविंदर शर्मा और सुनीता के बीच पिछले एक वर्ष में 760 बार फोन पर बात हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे को एसएमएस किए थे। हालांकि, शर्मा ने बयान दर्ज करवाया था कि उसकी सुनीता से कोई बातचीत नहीं हुई।

यह है पूरा मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने हाईकोर्ट में दायर में बताया था कि एचसीएस जूडिशियल के लिए उसने अप्लाई किया था। कुल 109 पद थे। कोचिंग सेंटर में उसकी दोस्ती सुशीला से हुई। सुशीला ने गलती से एक ऑडियो क्लिप उसे भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ रुपये में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब उसने सुशीला से पूछा तो उसने ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। बाद में पेपर लीक की बात का पता चला। सुशीला ने छह सवाल भी बताए जो 16 जुलाई को हुई परीक्षा में भी आए थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इस बारे में बताया और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी।
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