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बारिश का कहर, पार्क डूबे, सड़कें बनीं तालाब, लोग हुए परेशान

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Sun, 24 Jul 2016 09:37 AM IST
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rainfall - फोटो : amar ujala
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शहर में शनिवार सुबह हुई तेज बारिश ने जमकर तबाही मचाई। इस दौरान कई इलाकों में जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा बुरा हाल गांव मटौर, सोहाना, कुंभडा, शाहीमाजरा के अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9,5 में रहा। वहां लोगों के घरों में पानी भर गया।
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इलाके ने पूरी तरह तालाब का रूप धारण कर लिया था। पूरी रात लोगों ने जाग कर गुजारी। वहीं, जलभराव से मकानों को भी खतरा बन गया है। लोगों का कहना है कि अगर निगम ने समय रहते इस तरफ कार्रवाई की होती तो यह स्थिति आज पैदा नहीं होती।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह तीन बजे से इलाके में तेज बारिश हो गई थी। इससे विभिन्न इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया था। सबसे ज्यादा बुरा हाल गांव मटौर के खेड़ा चौक के पास का रहा। जहां पूरी तरह से पानी जमा हो गया।
मटौर के एमसी हरपाल सिंह चन्ना और एमसी कर्मजीत कौर ने आरोप लगाया कि प्रशासन की गलती के कारण गांव का यह हाल हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 100 साल से भी पुराना बरसाती नाले पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।

उन्होंने कहा कि इसको पहले गांव की पंचायत ने ठीक करवाया था और यहां बरसाती नाले के लिए पाइप डालने का काम शरू किया गया। इसका टैंडर 2012 में अखबार में 1.50 लाख रुपये का लगाया  गया था और इस में  बरसाती पानी डालना शुरू भी कर दिया, लेकिन कार्पोरेशन के अफसरों ने इन दो घरों के मालिकों के साथ मिलीभगत करके इसको रोक दिया। इस पाइप लाइन  पर 90  हजार रुपये का खर्च आएगा।

उन्होंने कहा कि इसके बाद पहले एक व्यकित ने अपने आप पाइप ऊंचे करके डाल दिए और पानी रोक दिया, जिस कारण लोगों को बरसाती पानी का नुकसान सहना पड़ रहा है।

मटौर के धार्मिक स्थल भी पानी में डूबे
गांव मटौर में धार्मिक स्थान गांव का खेड़ा व मंदिर मे पूरी तरह पानी से भर गया था। जिससे लोग सुबह पूजा भी नहीं कर पाए। इसके बाद मोटर लगाकर खाली करने की कार्रवाई चलती रही।

स्कूल और डिस्पेंसरी में भी भरा पानी
सोहाना के प्राइमरी स्कूल व लड़कियों के स्कूल में पानी भर गया। जिससे बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। इस दौरान क्लासरूम में भी पानी भरा था। बच्चों को डेस्क के जरिए क्लासरूम में पहुंचे। इसके अलावा गांव की डिस्पेंसरी में भी पानी भर गया था।

गैस पाइप लाइन वाली जमीन धंसी
बारिश की वजह से कई जगह जमीन धंसने के मामले भी सामने आए हैं। प्रशासन द्वारा डाली गई रसोई गैस की पाइप लाइन को भी इससे नुकसान पहुंचा। मैंगों पार्क के पास पाइल लाइन धंस गई। इसके अलावा शहर के सभी पार्कों ने तालाब का रूप धारण किया हुआ है।

पूरब अपार्टमेंट में भी जलभराव
सेक्टर-88 में गमाडा द्वारा बनाए गए पूरब अपार्टमेंट में भी हालत काफी खराब थी। पूूरा इलाका पानी में डूब हुआ था। इतना ही नहीं अपार्टमेंट की बेसमेंट में पानी से भर गई थी। वहीं, उक्त तरफ जाते रोड पर गाड़ियां पानी में फंस गई। जिससे लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ी।

पेक की बात मानी होती तो नहीं होती ऐसी स्थिति
 नगर निगम ने पेक की टीम से जलभराव से निपटने के लिए एक रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इस पर 15 लाख खर्च आया था। लेकिन इसको अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इस कारण पूरे शहर में नए सिरे से पाइप लाइन डालनी थी। हालांकि निगम की ओर से कहा गया था  कि बरसात से निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली गईं हैं। ड्रेनेज सिस्टम की सफाई भी कर दी गई है। इसके बावजूद जलभराव के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।

 
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