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खुलासाः अवैध खनन से हथिनीकुंड बैराज के टूटने का खतरा, मच सकती है तबाही
Tue, 16 Apr 2019 10:58 AM IST
खुशबू गोयल
निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Apr 2019 10:58 AM IST
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अवैध खनन
अवैध खनन की वजह से ताजेवाला में यमुना नदी पर बने हथिनीकुंड बैराज के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। कभी भी जान-माल का नुकसान हो सकता है। वैध-अवैध क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों की ओर से आरएलडीएसई बांध के आसपास प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग ने अंदेशा जताया है कि इस क्षेत्र में अगर खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो आरएलडीएसई बांध के साथ-साथ हथिनीकुंड बैराज टूट सकता है। अगर ऐसा होता है तो यमुनानगर ही नहीं, प्रदेश भर में जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। इस संबंध में ताजेवाला वाटर सर्विसेज सब डिवीजन के एसडीओ की तरफ से प्रतापनगर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 14 स्क्रीनिंग प्लांट और एक क्रशर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
पत्र की एक कॉपी जल सेवाएं मंडल दादुपुर के कार्यकारी अभियंता और एसडीएम बिलासपुर को भी आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है। पुलिस ने खनन विभाग की ओर से इसी साल 27 फरवरी को दर्ज करवाई गई एफआईआर के साथ एसडीओ के पत्र को अटैच करके जांच शुरू कर दी है।
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सिंचाई विभाग ने अंदेशा जताया है कि इस क्षेत्र में अगर खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो आरएलडीएसई बांध के साथ-साथ हथिनीकुंड बैराज टूट सकता है। अगर ऐसा होता है तो यमुनानगर ही नहीं, प्रदेश भर में जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। इस संबंध में ताजेवाला वाटर सर्विसेज सब डिवीजन के एसडीओ की तरफ से प्रतापनगर थाना पुलिस को पत्र भेजकर 14 स्क्रीनिंग प्लांट और एक क्रशर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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पत्र की एक कॉपी जल सेवाएं मंडल दादुपुर के कार्यकारी अभियंता और एसडीएम बिलासपुर को भी आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है। पुलिस ने खनन विभाग की ओर से इसी साल 27 फरवरी को दर्ज करवाई गई एफआईआर के साथ एसडीओ के पत्र को अटैच करके जांच शुरू कर दी है।
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...तो मच जाएगी तबाही
साल 1998 में मुख्यमंत्री बंसीलाल के कार्यकाल में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से हथिनीकुंड बैराज बनाया गया था। इस बैराज से हरियाणा, दिल्ली और यूपी के लिए यमुना के पानी का बंटवारा होता है। बरसात में यहां जलस्तर आठ लाख क्यूसिक तक पहुंच जाता है। बैराज को नुकसान होने पर हरियाणा और दिल्ली में तबाही मच सकती है।
ताजेवाला में अवैध खनन को लेकर खनन विभाग की तरफ से 27 फरवरी को एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। अब सिंचाई विभाग की तरफ से ताजा शिकायत मिली है। इस शिकायत को उसी एफआइआर के साथ अटैच किया गया है।
- कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर
ताजेवाला के स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशर द्वारा अवैध खनन करके यमुना नदी पर बने आरएलडीएसई बांध को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे बांध के साथ ही हथिनीकुंड बैराज के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। इससे जान माल का भारी नुकसान हो सकता है।
- हरिदेव कांबोज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
ताजेवाला में अवैध खनन को लेकर खनन विभाग की तरफ से 27 फरवरी को एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। अब सिंचाई विभाग की तरफ से ताजा शिकायत मिली है। इस शिकायत को उसी एफआइआर के साथ अटैच किया गया है।
- कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर
ताजेवाला के स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशर द्वारा अवैध खनन करके यमुना नदी पर बने आरएलडीएसई बांध को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे बांध के साथ ही हथिनीकुंड बैराज के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। इससे जान माल का भारी नुकसान हो सकता है।
- हरिदेव कांबोज, एक्सईएन, सिंचाई विभाग