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हरियाणा सरकार ने वापस लिया हकोका विधेयक, संशोधन के बाद सदन में किया जाएगा पेश
Fri, 06 Nov 2020 02:47 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 06 Nov 2020 02:47 PM IST
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हरियाणा विधानसभा।
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार ने फिलहाल अपने हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (हकोका) 2019 को वापस ले लिया है। इस विधेयक को संशोधन के बाद फिर से सदन में लाया जाएगा। इस विधेयक में शामिल कुछ धाराओं को हटाया जाएगा और नई धाराएं जोड़ी जाएंगी, क्योंकि ये धाराएं पहले ही अन्य विधेयक का हिस्सा हैं।
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विधानसभा में स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने संविधान के अनुच्छेद 200 और 201 में दिए गए उपबंधों के तहत हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2019 को वापस लेने का सरकारी संकल्प प्रस्ताव रखा। जिसको पारित कर दिया गया। गृहमंत्री ने बताया कि हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2019 संगठित अपराध सिंडिकेट या गैंग द्वारा आपराधिक गतिविधियों को रोकने व नियंत्रण करने और उनसे निपटने के लिए विशेष उपबंध करने हेतु प्रस्तुत किया गया था। इसलिए हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2019 राय सरकार द्वारा बनाया गया था।
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हरियाणा विधानसभा द्वारा 4 अगस्त 2019 को पारित किया गया था। विज ने बताया कि उक्त विधेयक हरियाणा के राज्यपाल को भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 में दिए गए उपबंधों के अनुपालन में उनकी सहमति के लिए भेजा गया था। सदन को गृह मंत्री ने बताया कि राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 201 के अधीन, उक्त विधेयक को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित रख लिया था। उसके बाद इस हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया था।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस विधेयक को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को टिप्पणी के लिए भेजा था। उसमें यह पाया गया था कि हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक की धारा 14 में यथा प्रस्तावित अवरोधन के लिए उपबंध पहले ही भारतीय तार अधिनियम, 1805 (1885 का केंद्रीय अधिनियम 1) और सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 इनके अधीन बनाए गए नियमों में ही किए गए है। इसलिए इस विधेयक को वापस लिया गया है। अब इस विधेयक में मौजूद कुछ धाराओं को नई धाराओं से बदलकर इसे फिर सदन में लाया जाएगा।