राज्य शिक्षक पुरस्कार के इंतजार में उत्कृष्ट शिक्षक, नवंबर में मांगे आवेदन, अब तक नाम तय नहीं
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हरियाणा के 298 अध्यापक राज्य शिक्षक पुरस्कार के इंतजार में हैं। साल 2020 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए दो माह पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया था मगर प्रदेश सरकार ने इस पर अभी तक फैसला नहीं लिया है।
केंद्र सरकार समेत उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड अच्छा कार्य करने वाले अध्यापकों को अवार्ड दे चुके हैं। अवार्ड में देरी पर स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने भी सवाल उठाए हैं। आशंका जताई है कि देरी का कारण सिफारिश और भ्रष्टाचार तो नहीं है।
हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षा विभाग बेहतर कार्य, खोज, अच्छे परिणाम दिलाने वाले, अच्छी एसीआर वाले अध्यापकों को राज्यस्तरीय अवार्ड देता है। इस बार कोरोना के चलते पुरस्कार के लिए 2 से 15 नवंबर तक आवेदन ऑनलाइन मांगे गए थे। जिलास्तरीय कमेटी ने छंटनी करते हुए 60 प्रतिशत अंक पूरे करने वाले 298 शिक्षकों के नाम और उनकी प्रविष्टि 24 नवंबर को राज्य कमेटी को भेजी। 25 नवंबर, 2020 से कमेटी ने अपना काम शुरू करना था।
दो इंक्रीमेंट और दो साल का सेवा विस्तार मिलता है
नियमों के मुताबिक राज्य स्तरीय अवार्ड मिलने पर अध्यापक को दो इंक्रीमेंट मिलते हैं और दो साल का सेवा विस्तार। साथ ही 25 हजार नकद, गोल्ड मेडल, प्रशस्ती पत्र के तबादला नीति में भी लाभ मिलता है। दूसरा, अध्यापक के लिए यह बड़ा सम्मान माना जाता है। ऐसे में हरियाणा के सैकड़ों की संख्या में अध्यापकों को इस अवार्ड के लिए परिणाम की घोषणा का इंतजार है। पिछले साल प्रदेश के 45 अध्यापकों को अवार्ड दिया गया था, इस बार 90 को दिया जाना है।
किसान आंदोलन और अधिकारियों के छुट्टी पर जाने से अटका निर्णय
विभागीय सूत्र बताते हैं कि अवार्ड लिस्ट जारी नहीं करने के पीछे एक तो किसान आंदोलन है और दूसरा विभाग के आला अधिकारियों का छुट्टी पर जाना। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देश पर ही ये तय किया जाएगा, फिलहाल सरकार आंदोलन में व्यस्त है। इसी कारण अभी लिस्ट फाइनल नहीं की जा सकी है, क्योंकि इस पर एक नहीं कई सदस्यों के हस्ताक्षर होते हैं। अब आवेदन करने वाले अध्यापकों को ये डर सताने लगा है कि कहीं सरकार इसका परिणाम ही जारी न करे।
ये सदस्य करते हैं नाम तय
अवार्ड के लिए जिला स्तर पर कमेटी में डीसी का प्रतिनिधि एससीएस (अध्यक्ष), डीईओ/डीईईओ, बीईओ, शिक्षा निदेशालय पंचकूला का एक प्रतिनिधि शामिल रहा। राज्य कमेटी में निदेशक माध्यमिक शिक्षा/निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा, अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक, निदेशक या प्रतिनिधि एससीईआरटी, उपनिदेशक/सहायक निदेशक शामिल हैं। इन सभी के हस्ताक्षर के बाद एसीएस से लेकर शिक्षामंत्री और सीएम तक फाइल जाती है। इसके बाद घोषणा की जाती है।
दूसरे प्रदेश दे चुके तो हरियाणा क्यों नहीं : हसला
राज्यस्तरीय अवार्ड घोषणा को लेकर प्रतिनिधिमंडल माध्यमिक निदेशक से मुलाकात कर चुका है। निदेशक ने आश्वासन दिया था कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। परिणाम में देरी से अध्यापकों में रोष बढ़ रहा है। जब दूसरे प्रदेश अवार्ड दे चुके हैं तो हरियाणा सरकार को भी इस पर जल्द फैसला लेना चाहिए। -दयानंद दलाल, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसो. राज्य प्रधान।
प्रक्रिया जारी है : कोर्डिनेटर
प्रक्रिया जारी है। पारदर्शिता के लिए इस बार ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं, सभी के दस्तावेज लॉक किए जा चुके हैं, इसमें अब कोई बदलाव नहीं हो सकता। अवार्ड के लिए अलग अलग वर्ग हैं। हर विषय के दो महिला और दो पुरुष अध्यापकों को अवार्ड दिए जाने हैं। हमारा पूरा प्रयास है कि जल्द इसका परिणाम जारी किया जा सके। -कुलदीप कुमार, राज्यस्तरीय शिक्षक अवार्ड कमेटी के कोर्डिनेटर।