हरियाणा : अनाज मंडियों में आज से गेहूं खरीद का बहिष्कार करेंगे आढ़ती, मजदूर भी समर्थन में उतरे
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हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने दो दिन इंतजार के बाद सरकार से कोई सकारात्मक जवाब न मिलने पर प्रदेशभर की अनाज मंडियों में गेहूं खरीद कार्य के बहिष्कार का एलान कर दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आढ़ती अपनी दुकानें खुली रखेंगे और गेहूं के अलावा अन्य फसलों की खरीद भी करेंगे।
अगर किसान गेहूं लेकर उनकी आढ़त पर आते हैं तो गेहूं उतारेंगे, उसकी सफाई करेंगे, सुखाएंगे भी लेकिन न गेहूं तौलेंगे न उसका लदेंगे (लोडिंग)। दूसरी ओर भारतीय मजदूर संघ ने भी आढ़तियों के सहयोग में 10 अप्रैल से औल व लदान कार्य नहीं करने का एलान कर सरकार की मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
करनाल अनाज मंडी स्थित एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी के कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी ने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दो दिन के आश्वासन की समय सीमा बीतने के बाद की स्थिति पर मंथन किया।
राज्य प्रधान ने कहा कि आढ़तियों ने कई अन्य मांगों के साथ मुख्यमंत्री के सामने एक प्रमुख मांग यह रखी थी कि सरकार किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान खाते में सीधे करने के निर्णय पर पुनर्विचार करे और पिछले साल की तरह ऐच्छिक भुगतान व्यवस्था लागू करे। जिसमें जो किसान सीधे अपने खाते में भुगतान लेना चाहे तो सीधे लें और जो आढ़तियों के माध्यम से चाहे तो इसका भी विकल्प दिया जाए।
मुख्यमंत्री व सरकार के मंत्रियों, अफसरों ने केंद्र सरकार से बात कर सात अप्रैल तक जवाब देने की बात कही थी। लेकिन तय समय सीमा में सरकार ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। इसलिए पांच अप्रैल को करनाल में राज्य कार्यकारिणी में लिए गए निर्णय के अनुसार ही आठ अप्रैल से प्रदेशभर के सभी आढ़ती गेहूं खरीद में सहयोग नहीं करेंगे।
तौल व लदान सरकार चाहे तो अपने संसाधनों से करा सकती है लेकिन सरकार जब भी आढ़तियों की मांगों को पूरा करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी तो आढ़ती एसोसिएशन गेहूं खरीद के बहिष्कार पर पुनर्विचार कर सकती है। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मवीर मलिक, शिव कुमार, बनारसी दास, विकास लाडवा, रजनीश चौधरी, बिट्टू कालड़ा, मनोज रिंकू, राकेश खोकर, मग्गा सिंह, जितेंद्र कुमार, राजेश अरोड़ा आदि शामिल रहे।
10 अप्र्रैल से मजदूरों ने भी किया हड़ताल का एलान
अनाज मंडियों में गेहूं खरीद का कार्य कर रहे श्रमिकों के संगठन भारतीय मजदूर संघ के प्रधान राम कुमार महतो ने बताया कि सरकार ने मंडियों में काम कर रहे मजदूरों की मजदूरी को पिछले साल से भी कम कर दिया है। पिछले साल 15.75 प्रति बैग मिलता था, इस साल 12.85 रुपये कर दिया है। जबकि इस साल मजदूरी बढ़नी चाहिए थी। मजदूरी नहीं बढ़ाई जाती है तो 10 अप्रैल से हड़ताल पर जाएंगे। आढ़तियों के सहयोग में तौलाई व लदान का कार्य नहीं करेंगे।