अधिकारियों को सार्वजनिक करना होगा संपत्ति का ब्योरा, सूचना आयोग ने सुनाया फैसला
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हरियाणा के सभी राजपत्रित अधिकारियों को संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करना होगा। राज्य सूचना आयुक्त हेमंत अत्री व शिव रमन गौड़ की खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के बाद ये निर्णय सुनाया। सरकार की वेबसाइट पर सभी राजपत्रित अधिकारियों की संपत्ति का ब्योरा अपलोड करने में कितना समय लगेगा, यह बताने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय के अधिकारियों को 24 घंटे का समय दिया गया है।
खंडपीठ अपने विस्तृत निर्देश सरकार को शुक्रवार को जारी करेगी। पानीपत के आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने राज्य सूचना आयोग के इस फैसले को ऐतिहासिक व पारदर्शिता बढ़ाने वाला बताया है। कपूर ने कहा कि उन्होंने 9 वर्ष पहले 16 दिसंबर 2009 को प्रदेश के आईएएस, आईपीएस व राजपत्रित अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग की थी।
इसी बीच आईएएस, आईपीएस की चल-अचल संपति का ब्यौरा तो भारत सरकार की वेबसाइट पर डाल दिया गया, लेकिन राज्य के राजपत्रित अधिकारी संपति का ब्यौरा सार्वजनिक करने का विरोध करने लगे। कपूर ने सुनवाई के दौरान खंडपीठ को बताया कि जब देश के सभी आईएएस, आईपीएस, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जजों की संपति सार्वजनिक हो चुकी है तो राजपत्रित अधिकारियों का विरोध कोई मायने नहीं रखता।
बीते 26 जून को इस केस की सुनवाई के उपरांत आयोग की खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव से इस मुद्दे पर राय मांगी थी। गुरुवार को सुनवाई में शामिल मुख्य सचिव कार्यालय के अधिकारियों ने खंडपीठ को बताया कि मुख्य सचिव ने इस मामले में एसीएस नवराज संधू सहित चार आईएएस अधिकारियों की कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी थी। कमेटी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों की संपति को सार्वजनिक करने की सहमति प्रकट की है।