नन्हें वैज्ञानिकों का कमाल, तैयार किया खास रोबोट, दुश्मन के दबाए बम को कर देगा निष्क्रिय
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देश में घटित हो रही आतंकवादी घटनाओं से चिंतित होकर नन्हें वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत व लगन के साथ ब्लूटूथ कंट्रोल रोबोट तैयार किया है। इस रोबोट की मदद से न केवल जमीन में छुपाए गए बम का पता लगाया जा सकेगा, बल्कि उन बम को आबादी से दूर खाली जगह पर ले जाकर निष्क्रिय भी किया जा सकेगा।
उक्त रोबोट का इस्तेमाल अधिकतर उन संवेदनशील क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां भारत के दुश्मन बम विस्फोट कर देश को नुकसान पहुंचाने की ताक में रहते हैं। स्मार्टफोन में इंस्टाल एप्लीकेशन की मदद से इस रोबोट को कंट्रोल किया जा सकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंबाला से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पहुंचे नन्हें वैज्ञानिक प्रयासरत हैं।
काबिले गौर है कि गीता जयंती महोत्सव में राष्ट्रीय सूचना केंद्र एवं किडोबेटिक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इनोवेशन हब में 8 नन्हें वैज्ञानिक ब्रह्मसरोवर पर पहुंचने वाले इच्छुक बच्चों को कार्यशाला के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अंबाला के विभिन्न स्कूलों में शिक्षारत कक्षा 8वीं के रेहान, नौवीं के दक्ष, दसवीं के निखिल और अंश ने किडोबेटिक्स की ओर से आयोजित एक माह की कार्यशाला में रोबोट बनाने के गुर सीखें और अब उन्होंने एक ही दिन में 2 ब्लूटूथ कंट्रोल रोबोट तैयार किए हैं, जो 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं।
नन्हें वैज्ञानिकों का कहना है कि वे इस रोबोट को और आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी एक वर्ष में ऐसे रोबोट को तैयार किया जाएगा, जो 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समतल व ऊबड़-खाबड़ जमीन पर भी दौड़ेगा और वाईफाई से कंट्रोल होगा।
रोबोट बनाने में इस्तेमाल हुए ये उपकरण
- अरडिनो माइक्रो चीफ
- 4-सी ब्लूटूथ कंट्रोल चीफ
- एल-2, 98 मोटर ड्राइवर
- बैटरी, स्विच, मोटर व अल्ट्राटोनिक सेंसर सहित अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए हैं।
लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से होगा अपग्रेड: सिंगला
राष्ट्रीय सूचना केंद्र के जिला अधिकारी विनोद सिंगला ने बताया कि यह रोबोट फिलहाल ब्लूटूथ द्वारा कार्य करता है, लेकिन आने वाले समय में इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा। यह 21वीं सदी के भारत की उपलब्धि है कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चे इस प्रकार के आविष्कार कर रहे हैं, जोकि भविष्य में देश सेवा के लिए काम आएंगे।