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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Roadways strike Ends, Provisional Time table

तीस लाख के नुकसान के बाद घूमे पहिये

Tue, 09 Sep 2014 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Tue, 09 Sep 2014 12:11 AM IST
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कैथल। प्रदेश सरकार की ओर से 3519 निजी रूटों के परमिट रद्द करने के आश्वासन के बाद सोमवार को रोडवेज कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई। शनिवार से शुरू हुई हड़ताल के खत्म होने से लोगों ने राहत की सांस ली। उधर, दो दिन तक बसें न चलने के कारण कैथल डिपो को करीब तीस लाख की चपत लगी है।
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गौरतलब है कि प्रदेश में निजी बसों को परमिट देने के विरोध में शनिवार को रोडवेज कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। सोमवार को सुबह सरकार और रोडवेज नेताओं में एक बैठक हुई, जिसमें परिवहन मंत्री और प्रदेश सीएम ने रोडवेज नेताओं को निजी परमिट रद्द करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया।  
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हड़ताल से कैथल डिपो को तीस लाख का नुक्सान
कैथल डिपो में करीब ढाई दिनों तक 140 बसों के पहिये थमने से लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रोडवेज जीएम भंवर सिंह ने स्वीकार किया कि कैथल डिपो को एक दिन में लगभग 12 लाख की आय होती है। इस हिसाब से करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कैथल से कैथल-दिल्ली, हिसार-चंडीगढ़, कैथल-जम्मू, कैथल-यमुनानगर जैसे कुछ रूट हैं, जो काफी लाभकारी हैं। यहां बसों के बंद होने से नुकसान हुआ है। इसके अलावा कैथल में स्थानीय रूट भी हैं।
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आज भी चलतीं रहीं प्राइवेट बसें
उधर, इससे पहले सरकार की ओर से प्रोविजनल टाइम टेबल पर रोक लगाने के बाद भी सोमवार को कैथल में प्राइवेट बसें चलती रही। नए रूटों पर प्राइवेट बसों ने तीन बजे तक सवारियां उठाईं। गौरतलब है कि करीब 68 रूटों पर सरकार ने प्रोविजनल टाइम टेबल जारी किए थे।

प्राइवेट बस मालिक बलवान सिंह कोटड़ा ने बताया कि तीन बजे तक प्राईवेट बसें चलती रहीं। लेकिन इसके बाद प्राइवेट बसों को बस अड्डे के अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद करीब एक घंटे तक बाहर से बसें चली, पर बाद में इन्हें बंद कर दिया गया। अब मंगलवार को भी प्राईवेट बसें बंद रहेंगी। प्राइवेट बस संचालक मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए गए हैं। उम्मीद है कुछ हल निकल आए।

उधर, प्राइवेट बसों के संचालन के बारे में पूछने पर आरटीए सुरेश चहल ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस संबंध में फैसला लिया जा रहा है, वे कुछ नहीं कह सकते।

लोगों ने ली राहत की सांस
दो दिनों से जारी चक्का जाम खुलने से लोगों को राहत की सांस मिली। दोपहर को बस अड्डे पर पहुंचे लोगों को गंतव्य के लिए बसें मिलीं, लेकिन इससे पूर्व सुबह से लेकर साढ़े ग्यारह बजे तक सोमवार को भी लोग परेशान हुए तथा निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। दोपहर के बाद बस अड्डे पर रौनक बढ़ गई।


जनता की सुविधा के लिए हड़ताल : रोडवेज
इससे पहले, सोमवार को हड़ताल के तीसरे दिन सोमवार सुबह रोडवेज कर्मियों ने डिपो में धरना प्रदर्शन किया।
प्रधान सुरजभान श्योकंद, ओम प्रकाश गोयत, सतीश शर्मा, राजबीर भाणा, लखपत राय, बलराज सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपनी आर्थिक मांगें नहीं, बल्कि जनता के लिए सरकारी परिवहन सुविधा की मांग कर रहे थे। केंद्रीय तालमेल कमेटी के आह्वान पर हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है। जनता को इसके कारण जो परेशानी हुई है, उसके लिए कर्मचारी क्षमा प्रार्थी हैं। यह जनता एवं छात्रों के हितों की लड़ाई है।
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