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हरियाणा लोक सेवा आयोग का फैसला: HCS प्री की परीक्षा स्थगित, अब 24 जुलाई को दो सत्रों में होगी
Wed, 22 Jun 2022 04:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 22 Jun 2022 04:05 PM IST
सार
इससे पहले 19 जून को होने वाली डेंटल सर्जन भर्ती की परीक्षा को भी भी स्थगित कर 26 जून नई तिथि तय की जा चुकी है।
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हरियाणा लोक सेवा आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डेंटल सर्जन की परीक्षा के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग ने एचसीएस प्री (कार्यकारी शाखा) की परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अब यह परीक्षा 10 के बजाय 24 जुलाई को दो सत्रों में होगी। अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, रोल नंबर और परीक्षा केंद्र में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले 19 जून को होने वाली डेंटल सर्जन भर्ती की परीक्षा को भी भी स्थगित कर 26 जून नई तिथि तय की जा चुकी है। परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव का कारण आयोग ने प्रशासनिक कारण बताए हैं।
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आयोग ने एचसीएस के 156 और डेंटल सर्जन के 81 पदों के लिए फरवरी 2021 में आवेदन मांगे थे। एचसीएस के लिए 1 लाख 42 हजार ने आदेवन किया था और 12 सिंतबर को 74 हजार ने परीक्षा दी थी। इसी प्रकार 26 सितंबर को डेंटल सर्जन की परीक्षा हुई थी। आयोग ने दोनों परीक्षाओं का परिणाम जारी कर दिया था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद 2 मई 2022 को दोनों भर्तियों की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थी। एचसीएस की तीन से पांच दिसंबर को होने वाली मुख्य परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद दोनों भर्तियों को नए सिरे से कराने का फैसला लिया गया।
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20 से 30 लाख रुपये में पास किए थे अभ्यर्थी
डेंटल सर्जन और एचसीएस प्री की परीक्षा पास कराने में करोड़ों रुपये की डील हुई थी। विजिलेंस ने 17 नवंबर को भिवानी निवासी नवीन को पंचकूला में ही 20 लाख रुपये लेते पकड़ा था। इसके बाद अश्वनी और बाद में एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर को 90 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था। विजिलेंस से पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि परीक्षा पास करने के लिए अभ्यर्थियों से 20 से 30 लाख रुपये के हिसाब से सौदा हुआ था। नागर ने माना था कि उसने कुल 18 अभ्यर्थी पास कराए। इनमें एचसीएस के पांच और डेंटल सर्जन के 13 अभ्यर्थी शामिल थे।
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