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हरियाणा पुलिस भर्ती: दोबारा जारी होगा परिणाम, मां के जीवित होने पर भी मिलेगा अनाथ श्रेणी में स्थान
Tue, 16 May 2023 08:57 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 16 May 2023 08:57 PM IST
सार
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिन आवेदकों की मां जीवित है, उन्हें अनाथ श्रेणी के पांच अंक दिए जाएंगे और इस श्रेणी की मेरिट सूची दोबारा तैयार की जाएगी। ऐसे में जो आवेदक नियुक्ति पा चुके हैं और इस नई सूची में स्थान नहीं बना पाते हैं, उन्हें नोटिस देकर हरियाणा सरकार को उनकी सेवाएं समाप्त करनी होगी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को साल 2019 की भर्ती में चयनित पुलिस कांस्टेबलों और उप निरीक्षकों की मेरिट सूची को संशोधित कर नए सिरे से परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है। कुछ चयनित उम्मीदवारों को सामाजिक, आर्थिक आधार पर अंकों के आवंटन में अनियमितताओं को देखने के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के चलते अब ऐसे आवेदक जिनकी मां जीवित है उन्हें भी अनाथ श्रेणी के पांच अंकों का लाभ मिलेगा। हालांकि अभी इस मामले में विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।
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इस मामले में याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील रविंदर सिंह ढुल और मजलिज खान ने बताया कि हाईकोर्ट ने 2019 में आयोग की ओर से भर्ती कांस्टेबलों और उप निरीक्षकों की चयन सूची को संशोधित करने के लिए कहा है। 1054 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्हें अनाथ होने के लिए सामाजिक, आर्थिक मानदंड के तहत पांच अतिरिक्त अंक दिए गए थे।
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16 अप्रैल 2018 को सरकार ने विज्ञापन जारी कर पुरुष कांस्टेबलों के 5000, महिला कांस्टेबल के 1147, पुरुष उप-निरीक्षक के 400 व महिला उप-निरीक्षकों के 63 पदों की चयन प्रक्रिया आरंभ की थी। इस भर्ती में अनाथ श्रेणी के तहत चयनित होने वालों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इससे पहले 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने चयन संबंधित रिकॉर्ड में विसंगतियों के चलते आयोग पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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इस मामले में भिवानी निवासी सोमवीर व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए भर्ती को चुनौती दी थी। याची ने बताया था कि उन्हें अनाथ श्रेणी के अंकों से वंचित किया। आयोग की पिक एंड चूज की नीति का खामियाजा उन्हें भुगताना पड़ रहा है। ऑनलाइन आवेदन देने के बारे में यह स्पष्ट नहीं था कि माता और पिता दोनों की मृत्यु का विवरण पेश करना अनिवार्य है। याची के अनुसार केवल पिता की मृत्यु का विवरण पेश करने को कहा गया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि उनकी मां जीवित हैं। याची ने बताया कि कई मामलों में ऐसे आवेदकों को अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया है, जिनकी मां जीवित हैं।
दोबारा तैयार होगी मेरिट
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जिन आवेदकों की मां जीवित है, उन्हें अनाथ श्रेणी के पांच अंक दिए जाएंगे और इस श्रेणी की मेरिट सूची दोबारा तैयार की जाएगी। ऐसे में जो आवेदक नियुक्ति पा चुके हैं और इस नई सूची में स्थान नहीं बना पाते हैं, उन्हें नोटिस देकर हरियाणा सरकार को उनकी सेवाएं समाप्त करनी होगी और मेरिट में स्थान बनाने वाले नए आवेदकों को नियुक्ति देनी होगी।