फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   haryana one decision increase pgi chandigarh patients

हरियाणा के एक फैसले ने बढ़ाए पीजीआई के मरीज

Tue, 04 Aug 2015 05:02 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़।
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Tue, 04 Aug 2015 05:02 PM IST
विज्ञापन
haryana one decision increase pgi chandigarh patients

उत्तर भारत का टर्शरी केयर यूनिट पीजीआई मरीजों के बोझ से तो पहले से ही दबा था, लेकिन हरियाणा सरकार के एक फैसले से उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने 2015-16 के लिए फरीदाबाद व गुड़गांव को छोड़कर किसी भी जिले के प्राइवेट हास्पिटल को अपने पैनल में शामिल नहीं किया।

विज्ञापन


इसके मुताबिक यदि सरकारी मुलाजिम मरीज मोहाली के फोर्टिस हास्पिटल में इलाज कराता है तो उसका भुगतान सरकार नहीं करेगी। इससे पहले फोर्टिस में इलाज करवाने पर मुलाजिम को सरकार की ओर से रिफंड मिलता था।
विज्ञापन


इस फैसले का नतीजा यह हुआ कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाने वालों ने पीजीआई की ओर रुख कर दिया है। इससे ओपीडी की संख्या में इजाफा हो गया है। हालांकि कितने मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ गई है, इसका सही आकलन कर पाना मुश्किल होगा, लेकिन हफ्ते के शुरुआती दिनों की ओपीडी नौ हजार के पार जाने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मार्च तक पीजीआई की औसत ओपीडी आठ हजार के आसपास रहती थी। सोमवार, मंगलवार व बुधवार को तो पैर रखने की जगह नहीं होती। 9100 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी रही, जबकि पिछले सोमवार को ओपीडी 9600 तक पहुंच गई थी। बीते बुधवार को ओपीडी 8900 के आसपास थी। इतनी ही संख्या में तीमारदार पीजीआई पहुंचते हैं।

इस कैटेगरी के मरीज बढ़ गए

हरियाणा के किसी मुलाजिम को यदि हार्ट या किडनी का इलाज कराना है तो वह आमतौर पर फोर्टिस, मैक्स या अपोलो के हास्पिटल को प्राथमिकता देता था। सरकारी संस्थानों की बात करें तो इन अस्पताल के मुकाबले का इलाज सिर्फ पीजीआई में उपलब्ध है। अब जब स्वास्थ्य विभाग ने अपने पैनल में किसी हास्पिटल को शामिल नहीं किया तो मरीज पीजीआई ही जाएगा। इस कैटेगरी के मरीजों की संख्या पीजीआई में बढ़ गई है।

केस :1
हरियाणा के पीडब्ल्यूडी में कार्यरत राकेश को हार्ट की सर्जरी करवानी थी। जब तक फोर्टिस हास्पिटल हरियाणा सरकार के पैनल में था तब तक फोर्टिस में सर्जरी करवाने की प्लानिंग थी, लेकिन हरियाणा सरकार के फैसले के बाद उन्होंने अपनी सर्जरी पीजीआई के एडवांस कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट में करवाई। हालांकि उन्हें पीजीआई में थोड़ा इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनके पास कोई दूसरा चारा भी नहीं था।


केस : 2
पंचकूला के मान सिंह हरियाणा रोडवेज में कार्यरत हैं। उन्हें अचानक हार्ट पेनहुआ। जांच में पता चला कि हार्ट की नाड़ियां बंद हैं। उन्हें मालूम था कि पीजीआई में काफी इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन जब उन्हें पता चला कि यदि वह प्राइवेट हास्पिटल में इलाज करवाते हैं तो उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलेगा। उसके बाद उन्हें मजबूरन पीजीआई में ही इलाज करवाना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed