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Exclusive: अब आम कैदी भी एक साल के अंदर ब्लड रिलेशन में हुई मौत में हो सकेंगे शामिल
महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:09 PM IST
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जेल में कैदी
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कैदियों के बड़ा फैसला, अब आम कैदी भी सजा के एक साल के अंदर ही ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे। अभी तक उम्र कैद के सजायाफ्ता कैदियों के लिए ही यह नियम था। इस संबंध में जेल मंत्री ने प्रदेश के सीएम के पास नया कानून बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। तीन माह के अंदर नया कानून बनने की संभावना है।
जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ही सजा का एक साल पूरा होने से पहले ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अधिकारियों की अनुमति के बाद अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। जबकि आम बंदियों को पहले एक साल तक किसी भी मौत में शामिल होने देने का नियम नहीं है।
कई आम बंदी व उनके परिजनों ने जेल में बंद रहने के दौरान एक साल के अंदर मौत होने पर उन्हें मौत में शामिल होने के लिए अनुमति देने की मांग की थी। जेल मंत्री ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। आम बंदियों को भी एक साल के अंदर रिलेशन में होने वाली मौत में शामिल कराने के लिए सीएम के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। तीन माह के अंदर आम कैदियों के लिए भी नया कानून बन सकता है। आम कैदियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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यह है नियम
वरिष्ट अधिवक्ता करण सिंह, सौरभ गोयल ने बताया कि हरियाणा गुड कंडेक्ट क्रिमनल टेम्पेरी रिलीज एक्ट 1988 के अनुसार उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी नियमानुसार कभी भी ब्लड रिलेशन में मौत होने पर उसमें शामिल हो सकते है। मगर चार साल या उससे ऊपर की सजा काट रहे बंदियों को पहले में तक ब्लड रिलेशन में मौत होने के बाद भी उसने शामिल नहीं होने देने का नियम है। यदि आम बंदियों के लिए कानून बनेगा तो उन्हें भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी ही सजा का एक साल पूरा होने से पहले ब्लड रिलेशन में मौत होने पर अधिकारियों की अनुमति के बाद अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। जबकि आम बंदियों को पहले एक साल तक किसी भी मौत में शामिल होने देने का नियम नहीं है।
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कई आम बंदी व उनके परिजनों ने जेल में बंद रहने के दौरान एक साल के अंदर मौत होने पर उन्हें मौत में शामिल होने के लिए अनुमति देने की मांग की थी। जेल मंत्री ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। आम बंदियों को भी एक साल के अंदर रिलेशन में होने वाली मौत में शामिल कराने के लिए सीएम के पास प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। तीन माह के अंदर आम कैदियों के लिए भी नया कानून बन सकता है। आम कैदियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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यह है नियम
वरिष्ट अधिवक्ता करण सिंह, सौरभ गोयल ने बताया कि हरियाणा गुड कंडेक्ट क्रिमनल टेम्पेरी रिलीज एक्ट 1988 के अनुसार उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी नियमानुसार कभी भी ब्लड रिलेशन में मौत होने पर उसमें शामिल हो सकते है। मगर चार साल या उससे ऊपर की सजा काट रहे बंदियों को पहले में तक ब्लड रिलेशन में मौत होने के बाद भी उसने शामिल नहीं होने देने का नियम है। यदि आम बंदियों के लिए कानून बनेगा तो उन्हें भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।