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जाट हिंसा में उद्योग तबाह, विदेशों ने लगाया 3 करोड़ का जुर्माना

Sat, 27 Feb 2016 03:08 PM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 27 Feb 2016 03:08 PM IST
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haryana industry destroyed in jat voilence, panelty by foreign company

उपद्रव की आग ने प्रदेश के उद्योगों को भस्म कर दिया है। उद्योगों में उत्पादन तो ठप हुआ ही, अब विदेशी जुर्माना भी लगा रहे हैं।

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प्रदेश के उद्योगों पर जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने 3 करोड़ का जुर्माना लगाया है। क्योंकि विदेशों के ऑर्डर पहुंचाने में देरी होने पर हर सप्ताह के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है।

पहले जाट आरक्षण आंदोलन में एक सप्ताह तक रास्ता बंद होने से 50 फैक्ट्रियां पेनाल्टी की जद में आई। वहीं अब उन फैक्ट्रियों पर विदेशियों की पेनाल्टी बढ़ती जा रही है, जिनको उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया है या जला दिया है।
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जलाए गए उद्योगों में एक महीने तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद नहीं है। नुकसान केवल जुर्माने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे हरियाणा की कंपनियों के विदेशों में हुए करार पर भी फर्क पड़ेगा। 
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जर्मनी और फ्रांस से लगाई 3 करोड़ की पेनाल्टी

haryana industry destroyed in jat voilence, panelty by foreign company

समय पर ऑर्डर पूरा नहीं होने के कारण जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, हालैंड, इंग्लैंड, इटली आदि देशों ने प्रदेश के उद्योगों पर लगभग 3 करोड़ की पेनाल्टी ठोंक दी है। क्योंकि यहां से इन सभी देशों में ऑटोमोबाइल्स, कृषि समेत अन्य सामान सप्लाई होता है। बाहरी देशों से जब सामान का ऑर्डर मिलता है तो उसके साथ ही कुछ नियम भी बना दिए जाते हैं।

उन नियमों में एक यह भी शामिल है कि अगर ऑर्डर एक सप्ताह से ज्यादा देरी से पहुंचा तो कंपनी को जुर्माना भरना होगा। इस नियम की जद में यहां की 50 से अधिक कंपनी आ गई हैं। इनमें रोहतक, झज्जर, हिसार, भिवानी, पानीपत के उद्योग शामिल हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन उद्योगों को है, जिनमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़ करके आग लगा दी।

यहां 20 से ज्यादा ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिनके ऑर्डर पूरे नहीं होने से 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो रहा है और ऊपर से जुर्माना ठोका जा रहा है। डर ये है कि इंतजार लंबा होने के कारण कहीं विदेशी कंपनियां करार न तोड़ लें।

उपद्रव में फैक्ट्री को आग लगा दी गई थी। अब एक माह तक उत्पादन होने की उम्मीद नहीं है। फैक्ट्री से सामान यूरोप के कई देशों में जाता है, जहां सप्लाई नहीं होने के कारण पेनाल्टी लगा दी गई है। वहां साख भी खराब हो रही है और उससे करार पर भी फर्क पड़ा है।
- रूमेश विग, एमडी माइक्रोन प्रसिशन स्क्रूज लिमिटेड

कंपनी पूरी जलने के कारण सामान की सप्लाई नहीं हो सकेगी। कंपनी दोबारा कब तक तैयार होगी और उत्पादन कब तक होगा, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। इससे भारी नुकसान हो रहा है और ऑर्डर नहीं हो पाने से साख पर भी फर्क पड़ेगा।
- सीके गुप्ता, मैनेजर हाईटेक प्लास्ट लिमिटेड

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