{"_id":"578666814f1c1b124b13db2b","slug":"haryana-ias-ashok-khmeka-critical-tweet-on-chargesheet-leakage-issue","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ट्विटर पर छलका IAS खेमका का दर्द, दिखाए आक्रामक तेवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्विटर पर छलका IAS खेमका का दर्द, दिखाए आक्रामक तेवर
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:34 AM IST
विज्ञापन
आईएएस अशोक खेमका
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिर से विवादों में आए हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका ने चार्जशीट मामले में ट्वीट करके सवाल उठाए हैं। पदोन्नति देने के बाद चार्जशीट कर सरकार ने अशोक खेमका को एक बार फिर से उन्हें सक्रिय कर दिया है।
ट्वीट के माध्यम से खेमका ने अपना दर्द उजागर कर यह सवाल उठाया है कि उन्हें दी गई चार्जशीट मीडिया में लीक कैसे हुई। हालांकि चार्जशीट का जवाब खेमका दे चुके हैं। चार्जशीट के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अशोक खेमका ने टवीट् के जरिये अपना पक्ष रखा है। इस तरह खेमका ने एक बार फिर से मौजूदा सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। आईएएस ने अपने ट्वीट में कहा है कि उनकी चार्जशीट को मीडिया में लीक किया गया है। यह स्थापित प्रणाली का उल्लंघन है।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा है कि क्या यह पब्लिक ट्रायल है, अगर हां तो उनके जवाबों को क्यों छिपाया जा रहा है। अशोक खेमका के इस ट्वीट ने कई तरह के सवाल खडे़ कर दिए हैं। खेमका ने चार्जशीट की बात सार्वजनिक होने के पीछे सीधे तौर पर प्रदेश सरकार व उनके समकक्ष अफसरशाही को जिम्मेदार ठहराया है। यही नहीं खेमका ने परोक्ष रूप से कहा है कि वह मामले में अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। ऐसे में उनके पक्ष को सार्वजनिक न कर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्वीट के माध्यम से खेमका ने अपना दर्द उजागर कर यह सवाल उठाया है कि उन्हें दी गई चार्जशीट मीडिया में लीक कैसे हुई। हालांकि चार्जशीट का जवाब खेमका दे चुके हैं। चार्जशीट के बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अशोक खेमका ने टवीट् के जरिये अपना पक्ष रखा है। इस तरह खेमका ने एक बार फिर से मौजूदा सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। आईएएस ने अपने ट्वीट में कहा है कि उनकी चार्जशीट को मीडिया में लीक किया गया है। यह स्थापित प्रणाली का उल्लंघन है।
विज्ञापन
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा है कि क्या यह पब्लिक ट्रायल है, अगर हां तो उनके जवाबों को क्यों छिपाया जा रहा है। अशोक खेमका के इस ट्वीट ने कई तरह के सवाल खडे़ कर दिए हैं। खेमका ने चार्जशीट की बात सार्वजनिक होने के पीछे सीधे तौर पर प्रदेश सरकार व उनके समकक्ष अफसरशाही को जिम्मेदार ठहराया है। यही नहीं खेमका ने परोक्ष रूप से कहा है कि वह मामले में अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। ऐसे में उनके पक्ष को सार्वजनिक न कर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
बहस का मुद्दा बन सकता है मामला
अशोक खेमका
- फोटो : फाइल फोटो
सूत्रों के मुताबिक खेमका ने चार्जशीट का जो जवाब दिया है, वह उजागर होने के बाद यह मामला एक बार फिर से गरम होगा। जवाब देने के साथ ही अफसरशाही को कटघरे में खड़ा करने का काम भी किया गया है। इसमें चार्जशीट लीक होने का ठीकरा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी पर फोड़ा गया है। जवाब में यह भी कहा गया है कि बीज नहीं बिके, इसके पीछे कारण है कि बाजार में उस साल ज्यादा बीज था। हैफेड और बाकी संस्थाओं का बीज भी बचा। यह मामला भी बहस का मुद्दा बन सकता है।