Nuh Violence: अनिल विज बोले- नूंह हिंसा में मोनू मानेसर का कोई कनेक्शन नहीं, किसी मास्टरमाइंड का रचा हुआ प्लान
अनिल विज ने बताया कि केंद्र से सुरक्षाबलों की 20 कंपनियां मंगवाई गई है और एयरफोर्स को भी स्टैंडबाई रखा गया है ताकि अगर एयरलिफ्ट की जरूरत हुई तो हम तैयार रहें। विज ने राजनीतिक दलों को भी सलाह देते हुए कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, शांति बहाल करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
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अनिल विज ने कहा कि नूंह हिंसा किसी मास्टरमाइंड का रचा हुआ प्लान है। अधिकारियों को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विज ने कहा कि जिस तरह पत्थर इकट्ठे करके, गोलियां चला के हिंसा हुई है ये एकदम नहीं हुई, ये किसी न किसी मास्टरमाइंड का प्लान था जो देश और प्रदेश की शांति भंग करना चाहता है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने एक टीवी चैनल को दिए बयान में कहा कि नूंह हिंसा में मोनू मानेसर का कोई रोल नहीं है। हर साल यात्रा निकलती थी, पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में कोई मास्टरमाइंड जरूर है। विज ने कहा कि जिस प्रकार से घटनाओं को अंजाम दिया गया है, हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, विशेष बिंदुओं पर पथराव हुआ है, उसे देखने से लगता है कि यह किसी मास्टरमाइंड का काम हो सकता है। हालांकि इसकी कड़ी जांच कराई जाएगी तो हकीकत सामने आएगी।
विज ने बताया कि केंद्र से सुरक्षाबलों की 20 कंपनियां मंगवाई गई है और एयरफोर्स को भी स्टैंडबाई रखा गया है ताकि अगर एयरलिफ्ट की जरूरत हुई तो हम तैयार रहें। विज ने राजनीतिक दलों को भी सलाह देते हुए कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, शांति बहाल करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
नूंह समेत चारों प्रभावित जिलों में पीस कमेटियां गठित
नूंह में हुई हिंसा के बाद बिगड़े हालातों के बीच अब भाईचारा और अमन शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी पीस कमेटियों पर आ गई है। नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में उपमंडल स्तर पर पीस कमेटियां गठित कर दी गई हैं। स्थानीय विधायकों के नेतृत्व में दोनों समुदायों के मौजिज लोगों के बीच बैठकें शुरू हो गई हैं। दोनों ही समुदाय के लोग युवाओं से शांति बहाली की अपील कर रहे हैं, साथ ही अफवाहों से बचने का भी आह्वान किया जा रहा है।
31 जुलाई को नूंह में धार्मिक यात्रा पर हुए हमले के बाद से नूंह समेत पड़ोसी जिलों में इसका असर पड़ा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में भी छुटपुट घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, केंद्र और हरियाणा पुलिस की टुकड़ियां पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में कर ली गई है। हिंसा पर रोक लगाने के बाद अब क्षेत्र में अमन शांति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार ने इस संबंध में सभी जिलों के उपमंडल स्तर पर पीस कमेटियां गठित करके लोगों के बीच शांति बहाली का संदेश देने की जिम्मेदारी सौंपी है।
अफवाहों से बचें, आपसी सौहार्द बनाएं: संजीव कौशल
हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल का कहना है कि नूंह में हुई घटना दोबारा न हो, इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। साथ ही पहले की तरह अमन और शांति बहाली के प्रयास तेज किए गए हैं। इसके लिए चारों जिलों में पीस कमेटियां गठित की गई हैं। स्थानीय विधायकों के नेतृत्व में दोनों समाज के मौजिक लोगों की बैठकें हो रही हैं और आपसी सौहार्द बनाने की अपील की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, जल्द ही हालात सुधरेंगे। मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बहाली में सहयोग दें।
- 120 से अधिक वाहनों को नूंह में दंगाइयों ने नुकसान पहुंचाया। इनमें 50 वाहनों को जला दिया गया। आठ पुलिस के वाहन हैं।
- दो होमगार्डों समेत चार लोगों की मौत नूंह हिंसा में हुई। नूंह जिले के भड़ास गांव के शक्ति और पानीपत के अभिषेक ने भी जान गंवाई है।
- गुरुग्राम के सेक्टर 57 में एक धार्मिक स्थल पर सोमवार रात भीड़ ने हमला किया। इसमें एक की मौत हो गई।
एनसीपीसीआर ने पथराव में शामिल बच्चों की संलिप्तता की जांच की मांग की
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नूंह जिले में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पथराव और अन्य अवैध गतिविधियों में बच्चों के कथित इस्तेमाल की जांच की मांग की है। एनसीपीसीआर ने हरियाणा सरकार को लिखे एक पत्र में कहा है कि सोमवार की हिंसा में कई बच्चों के शामिल होने का आरोप है। उनसे पथराव करवाया गया है।
एनसीपीसीआर ने बच्चों के कथित शोषण के संबंध में हरियाणा सरकार से तत्काल ध्यान देने और कार्रवाई करने की मांग की है। आयोग ने कहा कि जिन बच्चों का इस्तेमाल किया गया है, उनकी पहचान की जानी चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगर आवश्यक हो तो बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करें।