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SYL पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची हरियाणा सरकार, पंजाब पर लगाए आरोप

Fri, 18 Nov 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 18 Nov 2016 01:59 AM IST
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Haryana govt reached to court on SYL
सतलुज यमुना लिंक नहर - फोटो : फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट हरियाणा सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें उसने आरोप लगाया है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले में यथास्थिति बनाए रखने के अंतरिम आदेश का पंजाब सरकार उल्लंघन कर रही है। शीर्ष अदालत याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई करेगी।

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हरियाणा की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष नई याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अंतरिम आदेश की अवहेलना कर रही है। उन्होंने याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार की। 
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जिस पर पीठ ने कहा कि याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई होगी। हाल ही में पंजाब सरकार ने सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर किए गए भूमि अधिग्रहण को गैर अधिसूचित कर दिया है और भूमि मालिकों को जमीनें वापस देनी शुरू कर दी है।

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पंजाब पर अंतरिम आदेश न मानने का आरोप लगाया

Haryana govt reached to court on SYL
सुप्रीम कोर्ट

मालूम हो कि 10 नवंबर को न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट, 2004 सुप्रीम कोर्ट के फैसलों, अंतरराज्यीय नदी जल विवाद एक्ट और अन्य संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। 

संविधान पीठ का मानना था कि पंजाब विभिन्न राज्यों से हुए करार पर एकतरफा फैसला नहीं ले सकता। पीठ ने कहा था कि 15 जनवरी 2002 और 4 जनवरी को शीर्ष अदालत द्वारा दिए फैसले पर पंजाब अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हट सकता। 

पीठ ने कहा था कि पंजाब सरकार ने अपनी विधायी अधिकारों से परे जाकर शीर्ष अदालत के आदेशों को शून्य करने का काम किया है, ऐसे में पंजाब द्वारा बनाया गया एक्ट असंवैधानिक और अवैध है। संविधान पीठ ने यह फैसला राष्ट्रपति के रेंफरेंस पर दी थी। 

राष्ट्रपति ने शीर्ष अदालत से राय मांगी थी कि यह एक्ट संवैधानिक व कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं। इस मामले पर सुनवाई के दौरान संविधान पीठ ने 17 मार्च को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।

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