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गोवंश के विकास के लिए यहां की सरकार उठाने जा रही बड़ा कदम

Thu, 06 Oct 2016 01:08 PM IST
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Oct 2016 01:08 PM IST
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haryana govt going to start course for cow preservation and development
पंचकूला में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खट्टर - फोटो : अमर उजाला
गोवंश के संरक्षण और विकास के लिए एक राज्य की सरकार बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है। हरियाणा सरकार गोवंश के संरक्षण, दूध, गोमूत्र और गोबर की अहमियत को पूरे विश्व को बताएगी। सरकार इस संदर्भ में हरियाणा में डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत करने की तैयारी कर चुकी है।
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पशुधन विकास, डेयरी और स्वास्थ्य के लिहाज से गायों से मिलने वाले फायदेमंद उत्पादों से संबंधित पढ़ाई के लिए प्रदेश में एक विश्वविद्यालय की शुरुआत का प्रस्ताव है। गो-सेवा आयोग इस संदर्भ में शीघ्र मुख्यमंत्री से अनुमति ले लेगा। आयोग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर तैयार कर लिया गया है।
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सूत्रों की मानें तो सीएम ने इस संदर्भ में अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। बता दें कि इससे पहले गुजरात में कामधेनु विश्वविद्यालय है, जहां डेयरी, पशुधन विकास सहित अन्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हरियाणा में तीन लाख से अधिक गोवंश हैं। इनकी बेहतर देखभाल को लेकर गो-सेवा आयोग की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं।
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दूध, गोमूत्र और गोबर के प्रबंधन का गुर सीखेंगे युवा

haryana govt going to start course for cow preservation and development
पंचकूला में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री खट्टर - फोटो : अमर उजाला
आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने बताया कि गाय के दूध के पौष्टिक महत्व, गोमूत्र का स्वास्थ्य के लिहाज से अहमियत, गोबर से उपले और बायोगैस प्लांट में इनके इस्तेमाल सहित तमाम खासियतों से छात्रों को रूबरू कराया जाएगा। सेहत के लिहाज से फायदेमंद गाय के दूध से और कौन-कौन से उत्पाद तैयार हो सकते हैं, इसे लेकर और भी कई तरह से अध्ययन किए जाएंगे।

साथ ही इसके बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को गायों से मिलने वाले पौष्टिक दूध, गोमूत्र और गोबर के बेहतर इस्तेमाल को लेकर बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके अलावा गायों को लेकर तरह-तरह के अनुसंधान भी किए जाएंगे। इस पर भी जोर दिया जाएगा कि आमजनों के लिए उपयोगी उपले, बायो गैस प्लांट के अलावा गोमूत्र का कैसे इस्तेमाल किया जाए।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
आयोग का कहना है कि गायों के संरक्षण और उनसे जुड़े अनुसंधान के लिए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को भविष्य में इस क्षेत्र में रोजगार के कई बेहतर मौके मिलेंगे। डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें स्व रोजगार अपनाने का भी मौका मिलेगा।
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