सरकारी बाबुओं को डाली जा रही नागरिक अधिकार पत्र की नकेल, तैयारी में जुटे सरकारी विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार अब सरकारी बाबुओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। विभागों में जनता के काम लटकाने वाले बाबुओं पर कड़ी कार्रवाई के लिए सरकार ने नागरिक अधिकार पत्र तैयार करने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक सुधार विभाग ने सभी सरकारी विभागों को इसे तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। इसे तैयार करने में मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार चुनावी वर्ष में वार्षिक एक्शन प्लान के तहत कामों को अंजाम देगी। सभी विभागों को सरकार ने पूरे वर्ष का वार्षिक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। हरियाणा प्रशासनिक सुधार विभाग ने वर्ष 2017-18 की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट में अपने आगामी कदमों की जानकारी भी दी है। वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट मुख्य सचिव डीएस ढेसी की ओर से सार्वजनिक की गई है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग के विषेष महत्व के कार्य के लिए कैलेंडर वर्ष में समय अनुसार सुधार के लक्ष्य निर्धारित करें। ढेसी ने कहा है कि नागरिक अधिकार पत्र तैयार करने में विशेष रूचि लें। ताकि निर्धारित अवधि में कार्य न होने की स्थिति में जनता की शिकायतें दूर करने के साथ लापरवाह रवैया अपनाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सके।
200 शिकायतों सहित निपटाईं अनेक अपीलें
मुख्य सचिव ढेसी की ओर से सार्वजनिक समीक्षा रिपोर्ट अनुसार वर्ष 2017-18 में प्रशासनिक सुधार विभाग ने जनता की विभागों को लेकर 200 शिकायतें, 180 आरटीआई अपील, 35 प्रथम अपील और 15 द्धितीय अपीलों का निपटारा हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत करवाया।
भ्रष्टाचार निवारण के लिए उठाए अहम कदम : ढेसी
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने बताया कि सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए सरकार ने अनेक अहम कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचार में काफी कमी आई है। कुछ प्रतिशत भ्रष्टाचार विभागों में रहा है, जिसे दूर करने केलिए भी सीएम मनोहर लाल के निर्देशानुसार कदम उठाए जा रहे हैं। विभागों को बेवजह लटकाने और कार्य के प्रति उदासीनता को कम किया गया है।